Lucknow Fire: लखनऊ अग्निकांड में 15 बच्चों की गई जान, 4 अधिकारियों पर गिरी गाज, बिल्डिंग मालिक समेत चार गिरफ्तार
Lucknow Fire: यूपी की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार (22 जून) दोपहर हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। इस 3 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि कई लोगों घायल हुए है। आग की इस त्रासदी पर सख़्त कार्रवाई करते हुए योगी सरकार ने चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है, जबकि कोचिंग संचालक और बिल्डिंग के मालिक समेत चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। साथ ही इस दुखद घटना के बाद, प्रशासन ने लापरवाही की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) बनाई गई है। जो सात दिनों के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
Lucknow Fire: ये अधिकारी हुए निलंबित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद सस्पेंड किए गए अधिकारियों में गौरव कुमार (XEN कलेक्शन, जानकीपुरम), कमलेन्द्र कुमार सिंह (FSSO, इंदिरा नगर), अनिल कुमार (असिस्टेंट इंजीनियर/AE) और प्रमोद पांडे (जूनियर इंजीनियर/JE) शामिल हैं। इस दुखद घटना के बाद, प्रशासन ने लापरवाही की जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
SIT करेगी मामले की जांच
इससे पहले घटना की गंभीरता को देखते हुए, सीएम योगी ने मंगलवार को हाथरस और आगरा के अपने तय दौरे रद्द कर दिए हैं। शाम को मुख्यमंत्री आवास पर पूरे मामले की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। मुख्यमंत्री के आदेश पर पूरे मामले की जांच के लिए दो सदस्यों वाली स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है। इस टीम में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अमृत अभिजात और ADG (लखनऊ ज़ोन) प्रवीण कुमार शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने SIT को सात दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है; साथ ही घायलों के उचित इलाज के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं।
Lucknow Fire: चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने सोमवार को अलीगंज पुलिस स्टेशन इलाके में हुई आग की घटना के संबंध में मामला दर्ज किया है। यह मामले छह नामजद आरोपियों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। सोमवार रात पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (मदेयगंज निवासी), पेट शॉप के मालिक रामकृष्ण उपाध्याय (अलीगंज निवासी), एनिमेशन सेंटर चलाने वाले तुषक कृष्ण जायसवाल (बालागंज निवासी) और किराएदार सुरेश कुमार साहू (केशवनगर, मड़ियावां निवासी) को गिरफ़्तार किया। वहीं, FIR में नामजद आरोपियों धीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला की तलाश जारी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
फिलहाल आग लगने की असल वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है। एक SIT और दूसरी जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बिल्डिंग में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि आग से सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही बरती गई थी। इस घटना ने शहर में चल रहे कमर्शियल प्रतिष्ठानों और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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