Jaspal Rana Passes Away: नहीं रहे दिग्गज शूटर जसपाल राणा, 49 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, PM ने जताया दुख

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Shooter Jaspal Rana Passes Away: भारत के दिग्गज शूटर और जाने माने कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को 49 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें कुछ समय पहले हार्ट अटैक आया था और दिल्ली के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन पर PM Modi और रक्षा मंत्री राजनाथ ने भी शोक वक्त किया है। जसपाल एशियाई खेलों के पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट थे और उन्होंने ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर की सफलता में अहम भूमिका निभाई थी।

Jaspal Rana Passes Away: PM मोदी ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मशहूर भारतीय शूटर जसपाल राणा के निधन पर दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “जसपाल राणा के निधन से गहरा दुख हुआ। उनका जाना भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने शूटिंग में अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश का नाम रोशन किया। एक मेंटर के तौर पर उनका योगदान भी उतना ही शानदार था; उन्होंने बहुत लगन के साथ युवा एथलीटों को ट्रेनिंग दी और उनका मार्गदर्शन किया। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और पूरे खेल जगत के साथ हैं। ओम शांति।”

जर्मनी से लौटते वक्त बीमार पड़ गए थे जसपाल

मिली जानकारी के मुताबिक म्यूनिख में ISSF वर्ल्ड कप के बाद जर्मनी से लौटते समय जसपाल बीमार पड़ गए थे और उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। निधन के समय, वह भारतीय पिस्टल शूटर्स के लिए हाई-परफॉर्मेंस कोच के तौर पर काम कर रहे थे। उनकी देखरेख में, भारतीय टीम ने उस टूर्नामेंट में दो गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीते थे।

जसपाल राणा की ने हासिल की कई उपलब्धियां

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अपने करियर के दौरान, जसपाल (Shooter Jaspal Rana) ने एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई चैंपियनशिप में कई मेडल जीते और ग्लोबल लेवल पर खुद को एक बेहतरीन शूटर के तौर पर स्थापित किया। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के चार संस्करणों 1994, 1998, 2002 और 2006 में भारत का प्रतिनिधित्व किया और कुल 15 मेडल जीते। इस संख्या में 9 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल थे। इसके अलावा उन्होंने एशियाई खेलों में भी देश के लिए कई मेडल जीते, जिसमें 1994, 1998 और 2006 के संस्करणों में कुल 8 मेडल हासिल किए।

कोच के तौर पर निभाई अहम भूमिका

एक एथलीट के तौर पर अपनी उपलब्धियों के अलावा, एक कोच के तौर पर उनका योगदान भी उतना ही यादगार रहा। उनकी देखरेख में, भारत ने कई बेहतरीन शूटर्स तैयार किए जिन्होंने दुनिया भर में देश का नाम रोशन किया। जसपाल को NRAI ने 25 मीटर पिस्टल इवेंट के लिए हाई-परफॉर्मेंस कोच नियुक्त किया था। उन्हें इस खेल में कड़ी ट्रेनिंग व्यवस्था शुरू करने का श्रेय दिया जाता है। जसपाल की देखरेख में, मनु भाकर (Manu Bhakar) ने पेरिस ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल्ड मेडल जीते। मनु यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय शूटर बनीं। जसपाल को एक कोच के तौर पर उनके योगदान के लिए 2020 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।


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