Patliputra Railway Station : पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर रविवार को मद्य निषेध विभाग की परीक्षा में शामिल होने पहुंचे अभ्यर्थियों की भारी भीड़ के बीच हिंसक बवाल हो गया। ट्रेन सुविधाओं की कमी और अत्यधिक भीड़ से नाराज अभ्यर्थियों ने स्टेशन परिसर में जमकर हंगामा किया, जिसके बाद स्थिति पत्थरबाजी और तोड़फोड़ तक पहुंच गई। इस घटना में कई यात्री, पुलिसकर्मी और स्टेशन पर मौजूद अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि करीब 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताई पूरी घटना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, परीक्षा में शामिल होने के लिए बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी पाटलिपुत्र स्टेशन पहुंचे थे। लेकिन पर्याप्त ट्रेनों और विशेष रेल सेवाओं की व्यवस्था नहीं होने के कारण स्टेशन पर भारी अव्यवस्था फैल गई। जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती गई, यात्रियों और अभ्यर्थियों में नाराजगी भी बढ़ने लगी।
घटना के प्रत्यक्षदर्शी राजकुमार ने बताया कि बिहार पुलिस और मद्य निषेध विभाग की परीक्षा के कारण स्टेशन पर असामान्य भीड़ थी। उन्होंने कहा कि रेलवे द्वारा कोई विशेष ट्रेन नहीं चलाई गई थी और जो ट्रेनें आ रही थीं, उनमें पहले से ही अत्यधिक भीड़ थी। इससे नाराज कुछ अभ्यर्थियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षाकर्मी कुछ समय के लिए पीछे हटने को मजबूर हो गए। पत्थरबाजी के दौरान स्टेशन परिसर में लगी कई दुकानों और स्टॉलों को नुकसान पहुंचा।
अचानक हुआ पथराव
घटना को लेकर पुलिस प्रशासन ने भी विस्तृत जानकारी दी है। आईजी जितेंद्र राणा के अनुसार, लगभग 200 से 250 छात्र रेलवे ट्रैक और ट्रेन संचालन को बाधित कर रहे थे। पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और जिला पुलिस के अधिकारियों ने मिलकर छात्रों को समझाने और रास्ता खाली कराने की कोशिश की। हालांकि, बातचीत के दौरान कुछ लोगों ने अचानक पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
आईजी राणा ने बताया कि पुलिस ने जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए और भीड़ को वहां से हटाया। उन्होंने कहा कि अब ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनमें वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सांसद पप्पू यादव ने दी प्रतिक्रिया
इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने अभ्यर्थियों के आक्रोश को युवाओं की बढ़ती निराशा से जोड़ते हुए कहा कि गांव से लेकर शहर तक लोगों की उम्मीदें टूटती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार और अवसरों के रास्ते लगातार सीमित होते जा रहे हैं, जिससे उनमें असंतोष बढ़ रहा है।
हालांकि, पप्पू यादव ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि ट्रेन और रेलवे की संपत्ति जनता के पैसे से संचालित होती है, इसलिए किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ उचित नहीं है। उनका कहना था कि यदि किसी कारणवश अभ्यर्थी समय पर परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, तो सरकार और प्रशासन को वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
सांसद ने यह भी कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में गंभीर प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं के दौरान बेहतर प्रबंधन और पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था करने की मांग की ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
खंगाली जा रही फुटेज
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। स्टेशन परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, जबकि रेलवे और जिला प्रशासन भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए अतिरिक्त तैयारियों पर भी विचार कर रहे हैं।
ये भी पढ़ेंः-Viral Girl Monalisa: खूबसूरती’ बनी मुसीबत ! महाकुंभ छोड़ने को मजबूर हुई मोनालिसा
ये भी पढ़ें:-प्रेमी ने प्रेग्नेंट कर छोड़ा, मां-बाप ने घर से निकाला, मसीहा बने दारोगा ने खुशियों से भर दी झोली
(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं…)