Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल में रिकॉर्डतोड़ वोटिंग, तमिलनाडु में भी बना रिकॉर्ड

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Assembly Election 2026: देश के दो प्रमुख राज्यों पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए गुरुवार मतदान हुआ। बंगाल में दो चरण में विधानसभा चुनाव होने हैं जिसमें आज यानी 23 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग हुई। जबकि तमिनाडु की सभी 234 सीटों पर सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग 5 बजे तक जारी है। दोनों राज्यो में रिकॉर्डतोड़ वोटिंग हुई। जनता में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। पोलिंग बूथों पर लंबी कतारें लगी रही। शाम 5 बजे तक पश्चिम बंगाल 89.93 प्रतिशत तो तमिलनाडु में 82 फीसदी मतदान हो चुका है। दोनों राज्यों में जिस रफ्तार से वोंटिंग हो रही है, इससे पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त हो जाएंगे।

Assembly Election 2026: बंगाल में जबरदस्त मतदान

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के पहले चरण के दौरान गुरुवार को मतदाताओं ने ज़बरदस्त उत्साह दिखाया। राज्य के 16 ज़िलों की 152 विधानसभा सीटों पर कुल 92.88 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। जो पिछले कई चुनावों से ज्यादा है। अगर पुराने आंकड़ों से तुलना करें तो 2011 में 84.72%, 2016 में 83.02% और 2021 में 82.30 प्रतिशत मतदान हुआ था।

उधर मतदाताओं की इस भारी भागीदारी ने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को और भी दिलचस्प बना दिया है, क्योंकि इसे एक मज़बूत जनादेश और संभावित बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। शाम 5 बजे तक, कई ज़िलों में मतदान का प्रतिशत 90 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर गया था। दक्षिण दिनाजपुर में सबसे ज़्यादा 93.12 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद कूचबिहार में 92.07 प्रतिशत, बीरभूम में 91.55 प्रतिशत, मुर्शिदाबाद में 91.36 प्रतिशत और जलपाईगुड़ी में 91.20 प्रतिशत मतदान हुआ।

पश्चिम मेदिनीपुर में 90.70 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि झाड़ग्राम में 90.53 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, उत्तर दिनाजपुर, बांकुड़ा और मालदा जैसे ज़िलों में भी मतदान के आंकड़े 90 प्रतिशत के आसपास रहे। दार्जिलिंग, पुरुलिया, पश्चिम बर्धमान और पूर्वी मेदिनीपुर के विभिन्न मतदान केंद्रों पर पूरे दिन मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। सबसे कम वोटर टर्नआउट कलिम्पोंग में दर्ज किया गया, जहाँ वोटिंग 81.98 प्रतिशत रही—यह आँकड़ा भी काफ़ी शानदार माना जाता है।

तमिलनाडु में 85.13 प्रतिशत

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तमिलनाडु की बात करें तो, चुनाव आयोग के अनुसार, राज्य में कुल मतदान प्रतिशत शाम 5 बजे तक लगभग 82.24 प्रतिशत दर्ज किया गया। ज़िला-वार आंकड़ों के अनुसार, अरियालुर में मतदान प्रतिशत लगभग 83.09 प्रतिशत, चेंगलपट्टू में 82.41 प्रतिशत, चेन्नई में 81.34 प्रतिशत, कोयंबटूर में 82.33 प्रतिशत, कुड्डालोर में 81.91 प्रतिशत, धर्मपुरी में 87.28 प्रतिशत, डिंडीगुल में 86.35 प्रतिशत, इरोड में 87.59 प्रतिशत, कल्लाकुरिची में 84.22 प्रतिशत और कांचीपुरम में 84.92 प्रतिशत दर्ज किया गया।

इसके अलावा, कन्याकुमारी में मतदान प्रतिशत 73.44 प्रतिशत, करूर में 89.32 प्रतिशत, कृष्णागिरी में 82.40 प्रतिशत, मदुरै में 77.89 प्रतिशत, मयिलादुथुराई में 78.41 प्रतिशत, नागपट्टिनम में 83.15 प्रतिशत, नामक्कल में 87.63 प्रतिशत, पेरम्बलुर में 82.75 प्रतिशत और पुदुकोट्टई में 81.55 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं, रामनाथपुरम में मतदान प्रतिशत 74.41 प्रतिशत, रानीपेट में 86.28 प्रतिशत, सेलम में 88.02 प्रतिशत, शिवगंगा में 74.44 प्रतिशत, तेनकासी में 79.28 प्रतिशत, तंजावुर में 78.07 प्रतिशत, नीलगिरि में 75.90 प्रतिशत, थेनी में 78.73 प्रतिशत, तिरुवल्लूर में 80.70 प्रतिशत और तिरुवरुर में 80.65 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस बीच, थूथुकुडी में 77.56 प्रतिशत, तिरुचिरापल्ली में 82.76 प्रतिशत, तिरुनेलवेली में 75.10 प्रतिशत, तिरुपत्तूर में 85.28 प्रतिशत, तिरुप्पुर में 86.33 प्रतिशत, तिरुवन्नामलाई में 85.59 प्रतिशत, वेल्लोर में 85.06 प्रतिशत, विलुप्पुरम में 85.45 प्रतिशत और विरुधुनगर में 82.16 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

इस चुनावी मुकाबले में मुख्य रूप से DMK के नेतृत्व वाला सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस, AIADMK के नेतृत्व वाला नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस, नाम तमिलर काची और तमिझगा वेट्री कझगम शामिल हैं। नतीजतन, यह हाल के वर्षों के सबसे कड़े चुनावी मुकाबलों में से एक बनकर उभरा है। मतदान सुबह-सुबह शुरू हुआ, और बड़ी संख्या में मतदाता पोलिंग बूथों पर कतारों में खड़े दिखाई दिए।


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