विश्व क्षय रोग दिवस आज, जानें कुछ खास बातें…

प्रत्येक वर्ष 24 मार्च को विश्व क्षय रोग दिवस मनाया जाता है

0 8

हेल्थ डेस्क: प्रत्येक वर्ष 24 मार्च को विश्व क्षय रोग दिवस मनाया जाता है।इसका उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति में क्षय रोग (TB) के प्रति जागरूकता पैदा करना है। दो सप्ताह से अधिक की खांसी टीबी हो सकती है।

यह भी पढ़ें-Corona: अखिलेश यादव ने की अपील,-‘डाक्टरों की सलाह व चेतावनी जरूर मानें’

यदि आपके किसी परिजन को दो सप्ताह से अधिक की खांसी आ रही है, तो उसे अपने नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाएं वहां उसके दो बलगम की जांच करायें। टीबी की पुष्टि होने पर, टीबी (TB) का उपचार कराएं।टीबी दो प्रकार की होती एक पलमोनरी टीबी और दूसरी एक्स्ट्रा पलमोनरी ट्यूबरक्लोसिस।

Related News
1 of 552

टीबी (TB) की दवाई नियमित रूप से, नियमित मात्रा में, नियमित समय तक, बगैर छोड़े खाने से टीबी पूर्ण रूप से ठीक हो जाती है। परंतु यदि हम टीबी का उपचार लगातार नहीं करते हैं और दवाएं छोड़-छोड़ कर खाते हैं, तो टीबी लाइलाज होकर एमडीआर टीबी और एक्सडीआर टीबी में बदल जाती है, तब टीबी का उपचार अत्यंत कठिन हो जाता है।टीबी का उपचार निःशुल्क होता है और जब तक टीबी का उपचार चलता है तब तक उस व्यक्ति को सरकार प्रतिमाह ₹500 खानपान का भत्ता देती है।

भारत की आबादी के लगभग 40% लोग टीबी (TB) के बैक्टीरिया से संक्रमित हैं और 1% लोग, प्रतिवर्ष टीबी से नए संक्रमित होते हैं। लेकिन संक्रमण का मतलब यह नहीं होता है कि उनको टीबी हो गई है। जिन व्यक्तियों के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है उनमें टीबी के लक्षण प्रदर्शित होते हैं यथा कामगार, खानपान की कमी, अधिक उम्र के लोग, छोटे बच्चे, रक्त की कमी, डायबिटीज, कैंसर के रोगी, स्टेरॉयड दवा लेने वाले, अल्कोहल और धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों में तथा अनुवांशिक, एचआईवी के मरीजों में टीबी के संक्रमण का अत्यधिक खतरा होता है।

टीबी (TB) का संक्रमण एरोसाल में फैलता है।आज विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर हम सभी यह सौगंध लें कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक की खांसी आ रही हो तो उसे नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर बलगम परीक्षण अवश्य कराएंगे।टीबी एक अत्यंत संक्रामक और मारक बीमारी है, एक धनात्मक मरीज प्रत्येक वर्ष 10 से 15 नए मरीज तैयार करता है।

आज भी भारत में प्रत्येक डेढ़ मिनट में एक टीबी (TB) के मरीज की मौत होती है। छोटी-छोटी सावधानियां जैसे खांसते, छींकते, बात करते समय अपने मुंह को ढक करके रखें। यदि दो सप्ताह से अधिक खांसी आ रही है तो दो बलगम की जांच अवश्य करायें, टीबी की पुष्टि होने पर टीबी का पूरा उपचार करायें।याद रखें दो सप्ताह से अधिक खाँसी टीबी हो सकती है, परन्तु हर खांसी टीबी नहीं होती है।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments
Loading...
नई खबर पढ़ने के लिए अपना ईमेल रजिस्टर करे !
आप कभी भी इस सेवा को बंद कर सकते है |

 

 

शहर  चुने 

Lucknow
अन्य शहर