पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: प्रतीक यादव के शरीर पर मिले कई चोटों के निशान, इस वजह से गई जान
Prateek Yadav Postmortem Report Cardiac Arrest: लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) संस्थापक Mulayam Singh Yadav के बेटे और Akhilesh Yadav के सौतेले भाई Prateek Yadav की मौत को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है। बुधवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, प्रतीक यादव की मौत ‘मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म’ यानी फेफड़ों की धमनियों में खून का थक्का पहुंचने से हुई, जिसके चलते ‘कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स’ हुआ। डॉक्टरों ने बताया कि शरीर के निचले हिस्से में बना खून का थक्का धीरे-धीरे ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया था, जिससे फेफड़ों और आर्टरी पर गंभीर असर पड़ा।
शरीर पर मिले कई चोटों के निशान
रिपोर्ट में एक और अहम खुलासा यह हुआ कि प्रतीक यादव के शरीर पर कुल छह चोटों के निशान पाए गए। डॉक्टरों के मुताबिक ये सभी चोटें ‘एंटेमॉर्टम’ थीं, यानी मौत से पहले लगी थीं। सभी चोटों के नीचे खून जमने के संकेत भी मिले हैं। पहली चोट छाती के दाहिने हिस्से में निप्पल के नीचे 14×7 सेंटीमीटर की पाई गई। दूसरी चोट दाहिने हाथ के पिछले हिस्से पर 19×12 सेंटीमीटर की थी। तीसरी चोट दाहिने फोरआर्म पर कोहनी से कलाई तक 24×8 सेंटीमीटर की दर्ज की गई। इसके अलावा चौथी चोट दाहिने फोरआर्म पर 6×4 सेंटीमीटर, पांचवीं चोट दाहिनी कोहनी के पीछे 12×6 सेंटीमीटर और छठी चोट बाईं कलाई पर 3×2 सेंटीमीटर की पाई गई। रिपोर्ट में कहा गया कि पहली तीन चोटें करीब 5 से 7 दिन पुरानी थीं, जबकि बाकी तीन चोटें लगभग एक दिन पहले की मानी जा रही हैं।
डॉक्टरों ने सुरक्षित रखे सैंपल
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने हृदय और पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिक सामग्री को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए सुरक्षित रखा है। वहीं, विसरा को केमिकल एनालिसिस के लिए संरक्षित कर पुलिस अधिकारियों को सौंप दिया गया है। अब आगे की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत से जुड़े अन्य पहलुओं पर तस्वीर और साफ हो सकेगी। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म एक गंभीर स्थिति होती है, जिसमें शरीर के किसी हिस्से में बना खून का थक्का फेफड़ों तक पहुंच जाता है। इससे सांस लेने में दिक्कत, रक्त संचार रुकना और अचानक कार्डियक अरेस्ट जैसी स्थिति बन सकती है।
फिटनेस और बिजनेस की दुनिया से जुड़े थे प्रतीक यादव
38 वर्षीय प्रतीक यादव राजनीति से दूरी बनाकर रखने वाले व्यक्तियों में गिने जाते थे। वे मुख्य रूप से बिजनेस और फिटनेस सेक्टर से जुड़े थे। उन्होंने लीड्स यूनिवर्सिटी, लंदन से एमबीए की पढ़ाई की थी। हालांकि वे समाजवादी पार्टी के राजनीतिक परिवार से आते थे, लेकिन उन्होंने कभी चुनाव नहीं लड़ा और न ही पार्टी में कोई बड़ा पद संभाला। प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। वहीं उनकी पत्नी Aparna Yadav भाजपा की सक्रिय नेता हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। अपर्णा यादव ने वर्ष 2022 में भाजपा जॉइन की थी।
प्रतीक-अपर्णा यादव के रिश्तों में तनाव की चर्चाएं
पिछले कुछ समय से प्रतीक यादव और अपर्णा यादव के रिश्तों में तनाव की चर्चाएं भी सामने आ रही थीं। हालांकि परिवार की ओर से इस पर कभी सार्वजनिक बयान नहीं दिया गया। प्रतीक और अपर्णा की शादी साल 2011 में हुई थी और दोनों लंबे समय तक सार्वजनिक आयोजनों में साथ नजर आते रहे। प्रतीक यादव की अचानक मौत ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर पैदा कर दी है। समाजवादी पार्टी के कई नेताओं ने उनके निधन पर दुख जताया है। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अब मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
परिवार और समर्थकों में शोक की लहर
प्रतीक यादव की मौत के बाद यादव परिवार में गहरा दुख का माहौल है। सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी। फिटनेस और कारोबारी दुनिया में सक्रिय रहने वाले प्रतीक अपने शांत स्वभाव और निजी जीवन को लेकर चर्चा में रहते थे। उनकी असमय मौत ने हर किसी को हैरान कर दिया है।
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