US-Israel-Iran War: इजरायली हमले में ईरान के दो बड़े कमांडर मारे गए

5

US-Israel-Iran War: अमेरिका-इजरायल ईरान युद्ध के 21वें दिन तनाव चरम पर है। इस बीच ईरान को दो तगड़े झटके लगे है। शुक्रवार को अमेरिका और इजलायल द्वारा किए गए जबरदस्त हमले में ईरान के दो बड़ा कमांडर मारे गए। मिली जानकारी के मुताबिक इस हवाई हमले में इस्लामिक रिव्यूलेशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की मौत हो गई है। इसके अलावा एक दूसरे हमले में ईरान के बासिज फोर्स के खुफिया प्रमुख जनरल इस्माइल अहमदी भा मारे गए। इससे पहले 17 मार्च 2026 को ईरान के अंतरिम नेता अली लारीजानी एक इज़रायली हमले में मारे गए थे।

नैनी को बनाया गया था विशेष निशाना

दरअसल अमेरिका-इजलायल के हालिया हमले में नैनी को विशेष रूप से निशाना बनाया गया था। शुक्रवार को गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। ईरानी सरकारी ने उनकी मौत की पुष्टि की है। हालांकि उनकी मौत के सटीक समय का उल्लेख नहीं किया गया था। ईरानी मीडिया के अनुसार, यह हमला तड़के सुबह हुआ, जिसमें नैनी मारे गए। उनकी मौत को ईरान की सैन्य संरचना के लिए एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है, क्योंकि वह IRGC की जनसंपर्क और मनोवैज्ञानिक युद्ध रणनीति के प्रमुख चेहरों में से एक थे।

US-Israel-Iran War: कौन है अली मोहम्मद नैनी

ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी काशान के मूल निवासी थे। वह ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता और जनसंपर्क के डिप्टी चीफ के तौर पर कार्यरत थे। उन्हें जुलाई 2024 में IRGC के कमांडर-इन-चीफ, हुसैन सलामी द्वारा इस पद पर नियुक्त किया गया था। 1957 में जन्मे 68 वर्षीय अली मोहम्मद नैनी ईरान-इराक युद्ध के अनुभवी सैनिक थे; उस जंग के दौरान वे घायल भी हुए थे। नैनी के पास सेकंड ब्रिगेडियर जनरल का ओहदा था।

वे अक्सर IRGC की ओर से बयान जारी करते थे, जिनमें अक्सर ईरान की सैन्य तैयारियों के साथ-साथ उसकी मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं के बारे में चेतावनियां शामिल होती थीं। नैनी IRGC द्वारा जारी किए जाने वाले सभी आधिकारिक बयानों, प्रेस विज्ञप्तियों और रणनीतिक संदेशों की देखरेख के लिए जिम्मेदार थे। यह व्यापक रूप से माना जाता था कि इस संगठन का कोई भी महत्वपूर्ण बयान उनकी मंजूरी के बिना कभी जारी नहीं किया जाता था।

Related News
1 of 26

नैनी ने मौत से पहले दिया था बड़ा बयान

दरअस अली मोहम्मद नैनी ने अपनी मौत से कुछ ही दिन पहले एक इंटरव्यू में दावा किया था कि ईरान करीब छह महीने तक एक ज़ोरदार युद्ध लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास अभी भी नई पीढ़ी की कई मिसाइलें और ड्रोन मौजूद हैं, जिन्हें अभी तक इस्तेमाल में नहीं लाया गया है। नैनी के अनुसार, ईरान ने अब तक केवल पुरानी पीढ़ी की मिसाइलों का ही इस्तेमाल किया है, और यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो नई और ज़्यादा उन्नत मिसाइलों का इस्तेमाल किया जाएगा।

इजरायली हमले में जनरल इस्माइल अहमदी की मौत

जनरल इस्माइल अहमदी ने बसीज फोर्स के इंटेलिजेंस चीफ के तौर पर काम किया था। बसीज के इंटेलिजेंस डिवीज़न के प्रमुख के तौर पर, जनरल इस्माइल अहमदी IRGC से जुड़े एक अधिकारी थे। उन्होंने संगठन के भीतर सुरक्षा और इंटेलिजेंस से जुड़ी भूमिकाएं निभाईं। बुशेहर प्रांत के मूल निवासी, बसीज के भीतर उनकी ज़िम्मेदारियां मुख्य रूप से सुरक्षा और इंटेलिजेंस ऑपरेशन्स पर केंद्रित थीं। IRGC कमांडर हुसैन सलामी ने कई मौकों पर उनकी सराहना की थी। उन्होंने बसीज कमांडर, शहीद गुलामरेज़ा सुलेमानी के सहयोगी और डिप्टी के तौर पर काम किया। बसीज के इंटेलिजेंस चीफ के तौर पर, संगठन के भीतर उनकी भूमिका में आंतरिक सुरक्षा, जासूसी-रोधी गतिविधियाँ और वैचारिक निगरानी शामिल थी।


ये भी पढ़ेंः-Viral Girl Monalisa: खूबसूरती’ बनी मुसीबत ! महाकुंभ छोड़ने को मजबूर हुई मोनालिसा

ये भी पढ़ें:-प्रेमी ने प्रेग्नेंट कर छोड़ा, मां-बाप ने घर से निकाला, मसीहा बने दारोगा ने खुशियों से भर दी झोली

(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं…)

Comments
Loading...