लखनऊ: हंगामे की भेंट चढ़ा विधानसभा का प्रश्नकाल

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लखनऊ–उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार को कानून व्यवस्था और किसानों की स्थिति सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष ने जबर्दस्त हंगामा किया, जिससे प्रश्नकाल नहीं हो सका।

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सदन की बैठक शुरू होते ही सपा और कांग्रेस के सदस्य अपनी अपनी जगहों पर खड़े होकर विभिन्न मुद्दे उठाने लगे।सपा सदस्य लाल टोपी पहने थे और उनके हाथ में पोस्टर थे, जिन पर लिखा था … ‘कानून व्यवस्था पस्त है, योगी बाबा मस्त है’ ‘भाजपा तेरे जमाने में, पुलिस पिट रही थाने में’, ‘किसान विरोधी ये सरकार, नहीं चलेगी नहीं चलेगी।’अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने सदस्यों से शांत होने की अपील की लेकिन हंगामा और नारेबाजी नहीं थमी। अध्यक्ष ने कहा कि सदन में पोस्टर या प्लेकार्ड लाना आपत्तिजनक है।उन्होंने सर्वप्रथम सदन की बैठक 30 मिनट के लिए स्थगित की। बाद में बैठक पूरे प्रश्नकाल तक यानी दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक के लिए स्थगित की गयी।

बाद में विपक्षी सदस्यों ने संवाददाताओं को बताया कि मौजूदा सरकार गरीबों और किसानों की स्थिति को लेकर जरा भी चिन्तित नहीं है। राज्य में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गयी है।कांग्रेस विधायक दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने बताया कि कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। पुलिस और जनता एक दूसरे को मार रहे हैं। भीड तंत्र हावी है और पुलिस की कोई नहीं सुनता। बुलंदशहर हिंसा और ऐसी ही अन्य घटनाएं भाजपा के भारी भरकम दावों के पोल खोलती हैं।

संक्षिप्त शीतकालीन सत्र का बुधवार को दूसरा दिन था। सत्र के पहले दिन दोनों ही सदनों विधानसभा और विधान परिषद में पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी और भाजपा विधायक पटेल राम कुमार वर्मा के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी थी।

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