Akshaya Tritiya 2026: 19 या 20 अप्रैल कब है अक्षय तृतीया ? जानें सही तिथि और पूजा-खरीदारी का शुभ मुहूर्त

127

Akshaya Tritiya 2026: सनातन धर्म में अक्षय तृतीया को अत्यंत शुभ और पवित्र त्योहार माना जाता है। यह वैशाख महीने के शुक्ल पक्षकी तृतीया को मनाया जाता है। ‘अक्षय’ शब्द का अर्थ है ‘कभी कम न होने वाला।’ इसलिए, इस दिन किए गए किसी भी शुभ कार्य, दान, जप या यज्ञ का फल कभी समाप्त नहीं होता बल्कि सदैव बढ़ता रहता है।

इस दिन सोना खरीदने की परंपरा बहुत पुरानी है। ऐसा माना जाता है कि अक्षय तृतीया पर खरीदा गया सोना कभी अपना मूल्य नहीं खोता और लगातार बढ़ता रहता है। इस दिन को सौभाग्य, समृद्धि और सफलता का प्रतीक माना जाता है। केवल सोना ही नहीं, बल्कि इस दिन किए गए पुण्य कर्म भी कभी कम नहीं होते और कई गुना फल देते हैं। इस दिन नए काम की शुरुआत, दान-पुण्य, विवाह और पूजा-पाठ किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम का जन्म हुआ था। इस वर्ष, अक्षय तृतीया रविवार, 19 अप्रैल को पड़ रही है। अक्षय तृतीया इस बार करीब 100 साल बाद दुर्लभ महासंयोग बन रहा है। इस दिन कई शुभ योग एक साथ बनेंगे, जिससे इसका महत्व बढ़ गया है।

Akshaya Tritiya 2026: 19 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी अक्षय तृतीया

दृक पंचांग के अनुसार, तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10:49 बजे से शुरू होकर 20 अप्रैल को सुबह 7:27 बजे तक रहेगी। अक्षय तृतीया की पूजा का शुभ मुहूर्त रविवार को सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक रहेगा।

खरीदारी और पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा।

अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने की परंपरा

अक्षय तृतीया के दिन शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना करना, दान देना और नई चीज़ें खरीदना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दिन सोने का विशेष महत्व होता है। अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने की परंपरा इसलिए है, क्योंकि इससे सूर्य देव और देवी लक्ष्मी दोनों प्रसन्न होते हैं। माना जाता है कि सोना खरीदने से धन और समृद्धि बढ़ती है, साथ ही परिवार में शांति और सौहार्द भी बना रहता है। हालांकि, बढ़ती महंगाई के इस दौर में, सोना खरीदना हर किसी के बस की बात नहीं है।

Akshaya Tritiya 2026: सोने के अलावा खरीद सकते है ये समान

ज्योतिषियों के अनुसार, यदि आप अक्षय तृतीया पर सोना नहीं खरीद पाते हैं, तो निराश होने की कोई ज़रूरत नहीं है। इसके विकल्प के तौर पर, कुछ विशेष चीज़ें खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है:-

मिट्टी का घड़ा – यह मंगल ग्रह को मज़बूत करता है और कर्ज तथा बाधाओं से मुक्ति दिलाता है।

Related News
1 of 566

रूई– शुक्र ग्रह से संबंधित होने के कारण, यह देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद दिलाता है और दरिद्रता को दूर करता है।

हल्दी की गांठ – यह बृहस्पति ग्रह को बल प्रदान करती है, जिससे जीवन में स्थिरता आती है और मान-सम्मान बढ़ता है।

पीली सरसों – यह दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखती है।

पीली कौड़ी – यह धन, संपत्ति और समृद्धि को आकर्षित करती है।

इनके अलावा, तांबा खरीदना भी शुभ माना जाता है। यह सूर्य को मजबूत करता है और व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा तथा मान-सम्मान को बढ़ाता है। इसके अतिरिक्त, इस दिन सफ़ेद रंग की चीज़ों जैसे दूध, दही, चावल या खीर का दान करना विशेष रूप से पुण्यकारी माना जाता है। नए वस्त्र, आभूषण, नया घर खरीदना, भूमि पूजन, घर या संस्था का उद्घाटन आदि बेहद शुभ माना जाता है।

पूजा विधि

अक्षय तृतीया के दिन, सुबह जल्दी उठें और स्नान करें। साफ़ कपड़े पहनें। अपने घर के मंदिर में भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की मूर्तियां स्थापित करें। उन्हें पीले फूल, धूप, दीपक और नैवेद्य (पवित्र भोजन प्रसाद) अर्पित करें। इसके बाद, “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। पूजा का समापन आरती के साथ करें और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।


ये भी पढ़ेंः-Viral Girl Monalisa: खूबसूरती’ बनी मुसीबत ! महाकुंभ छोड़ने को मजबूर हुई मोनालिसा

ये भी पढ़ें:-प्रेमी ने प्रेग्नेंट कर छोड़ा, मां-बाप ने घर से निकाला, मसीहा बने दारोगा ने खुशियों से भर दी झोली

(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं…)

Comments
Loading...