Ganesh Chaturthi 2023: घर-घर विराजे गजानन, गणपति बप्‍पा मोरया के जयकारों से गूंज उड़े पंडाल

0 200

गणेश चतुर्थी 2023: गणेश उत्सव का यह त्योहार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू होता है और अनंत चतुर्दशी तिथि तक चलता है। 10 दिनों तक चलने वाले इस त्यौहार को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। 19 सितंबर, मंगलवार से गणेश चतुर्थी शुरू हो रही है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, गणेश चतुर्थी भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। इसी तिथि से 10 दिवसीय गणेशोत्सव प्रारंभ होता है।

यह भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तिथि को गणेश विसर्जन तक जारी रहता है। इस साल गणेश चतुर्थी के दिन रवि योग बन रहा है। घर पर गणपति की मूर्ति लाने का शुभ समय क्या है? इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है? ये हम आपको बताते हैं। गणेश चतुर्थी पर लोग गणपति बप्पा को अपने घर लाते हैं, उनकी स्थापना करते हैं और विधि-विधान से उनकी पूजा करते हैं। बप्पा के आगमन से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और बाधाएं दूर होती हैं।

ये भी पढ़ें..Womens Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पेश, महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें होंगी आरक्षित

 

अमीनाबाद के राजा 33 साल के हो गए

Related News
1 of 1,185

Ganesh Chaturthi 2023

अमीनाबाद के राजा के 33 वर्ष पूरे होने पर 33 बम फोड़कर जश्न मनाया गया। अमीनाबाद थाने के पास श्री गणेश उत्सव मंडल की ओर से आयोजित छह दिवसीय महोत्सव सोमवार से शुरू हो गया। पंडित सुरेंद्र पांडे ने अतुल अवस्थी के संयोजन में पूजन कराया। पंडाल में अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। 23 तक नियमित पूजा-अर्चना के बाद 24 को प्रतिमा का विसर्जन किया जायेगा।

 

मुंबई से 16 फीट ऊंची प्रतिमा

 

भारतीय वैदिक संस्थान के अध्यक्ष संजय शास्त्री ने बताया कि पंडाल बनकर तैयार है। 16 फीट ऊंची प्रतिमा भी मुंबई पहुंच चुकी है। इस बार कार्यक्रम बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाना है। सराजा ढक्की में गणेशोत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यहां 12 फीट ऊंचा पंडाल बनाया गया है। इसमें भगवान गणेश की छह फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। आयोजक सन्नी ने बताया कि सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक मूर्ति स्थापित की जायेगी। प्रतिदिन सुबह-शाम 9 बजे आरती होगी। बुधवार से यहां प्रतिदिन लंगर परोसा जाएगा।

Comments
Loading...