मेयर संयुक्ता भाटिया ने नगर आयुक्त पर लगाया संगीन आरोप, मचा हड़कंप

लखनऊ– लखनऊ की मेयर (Mayor) संयुक्ता भाटिया ने नगर आयुक्त पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए हैं. इस संबंध में उन्होंने नगर निगम को एक खत लिखकर सारी बातें बताई हैं. यह भी पढ़ें-मनकामेश्वर पूर्णिमा आरती में गैस कांड पीड़ितों के लिए की गई प्रार्थना BJP मेयर (Mayor) संयुक्ता भाटिया ने नगर निगम पर करप्शन का इल्ज़ाम लगाया है । मेयर (Mayor) संयुक्ता भाटिया ने अपने पत्र में लिखा, ‘नगर निगम के कुछ कर्मचारी घपला कर रहे हैं, जिससे नगर निगम की छवि खराब हो रही है। हॉटस्पॉट वाले इलाकों में 50ml सैनिटाइजर बांटने के लिए करीब 2 रुपये प्रति

Written By :

Shweta Singh

Updated

May 8, 2020

लखनऊ– लखनऊ की मेयर (Mayor) संयुक्ता भाटिया ने नगर आयुक्त पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए हैं. इस संबंध में उन्होंने नगर निगम को एक खत लिखकर सारी बातें बताई हैं.

यह भी पढ़ें-मनकामेश्वर पूर्णिमा आरती में गैस कांड पीड़ितों के लिए की गई प्रार्थना

BJP मेयर (Mayor) संयुक्ता भाटिया ने नगर निगम पर करप्शन का इल्ज़ाम लगाया है । मेयर (Mayor) संयुक्ता भाटिया ने अपने पत्र में लिखा, ‘नगर निगम के कुछ कर्मचारी घपला कर रहे हैं, जिससे नगर निगम की छवि खराब हो रही है। हॉटस्पॉट वाले इलाकों में 50ml सैनिटाइजर बांटने के लिए करीब 2 रुपये प्रति शीशी की दर से मिलने वाली 10 हजार खाली शीशियों को 10 रुपये प्रति शीशी की दर से खरीदा गया है. इसी प्रकार मास्क और अन्य उपकरणों में भी अनियमितता की शिकायतें मिल रही हैं. इस तरह की गड़बड़ी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.’

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चिट्ठी में लिखा गया कि सैनिटाइजर के लिए जो खाली बोतल खरीदी गई हैं, उसकी वास्तविक कीमत दो रुपये है जबकि उसे खरीदने के नाम पर प्रति बोतल 10 रुपये खर्च करने का आरोप लगाया है. बताया गया है कि 50 एमएल सैनिटाइजर की 10,000 खाली बोतल खरीदी गई हैं और प्रति बोतल आठ रुपये का लाभ कमाया गया है. इसके साथ ही मास्क और अन्य उपकरण में भी अनियमितता बरतने का आरोप लगाया गया है.

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PCS डॉक्टर इंद्रमणि ने मेयर (Mayor) के सभी आरोप को बेबुनियाद बताया है. उन्होंने बताया कि अभी तक नगर निगम ने कुछ भी खरीदारी नहीं की है. सैनिटाइजर के लिए CSIR (वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद) से कुछ सामान फ्री में लिया था. ऐसे में मेयर का आरोप लगाना हौसला तोड़ने वाला है. इस तरह के बेबुनियाद आरोप से कर्मचारियों का मनोबल टूटता है.