अब पुलिसकर्मियों की जेब में होगा अपराधियों का डाटा

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लखनऊ–सिपाहियों को बीट रजिस्टर की पुरानी व्यवस्था से जल्द निजात मिलेगी। अब उनकी जेब में बीट डायरी होगी, जिसमें क्षेत्र के अपराधियों से लेकर सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज कर सकेंगे।

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नई व्यवस्था के मुताबिक, बीट डायरी व्यवस्था से सिपाही 24 घंटे अपडेट रह सकेंगे। साथ ही सप्ताहभर में एक बार जब संबंधित अधिकारियों के आगे पेश होंगे तो वह उनकी डायरी देखकर ही अंदाजा लगा लेंगे कि बीट पर कितनी पकड़ है। सिपाही बीट में सूचनाएं दर्ज करने के बाद चौकी प्रभारी को जानकारी देंगे। जिस पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि अभी तक 43 थाना क्षेत्रों में 229 बीट थीं, जिन्हें बढ़ाकर 3000 किया गया। उतने ही स्टाफ में अब इन्हें आठ हजार तक किया जाएगा।एसएसपी का कहना है कि बीट सिपाही को सारे अधिकार दिए गए हैं। वह अपने बीट पुलिस ऑफिसर (बीपीओ) तो होगा ही, साथ ही बैंको से लेकर अन्य स्थानों की चेकिंग करके कमी मिलने पर हिदायद दे सकेगा। नाका जैसे संवदेनशील थाने में सिर्फ 08 बीट ही थीं, जिस पर एसएसपी के निर्देश पर इंस्पेक्टर ने उतने ही स्टाफ में 50 बीट कर दीं हैं।

सीओ बीकेटी ने बताया कि आगे बीट एप बनाने की भी योजना है, जिससे बीट डायरी मोबाइल फोन में ही खुल जाएगी, जिसे डिजिटल डायरी का प्रारूप दिया जाएगा। बीट डायरी में क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर, अपराधियों, असलहा तस्करों, पुलिस के मददगारों, सांसद, विधायक, सभासद, प्रधान समेत अन्य जनप्रतिनिधियों व प्रतिष्ठित लोगों, जुए, सट्टे, स्मैक समेत अन्य गलत कामों का धंधे चलाने वालों समेत अन्य लोगों की जानकारी होगी।

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