Gold-Silver की कीमतों में जबरदस्त उछाल, सोना 1.60 लाख तो चांदी 2.76 लाख के पार

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Gold Silver Price Today: वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक हलचल के बीच मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार में दोनों कीमती धातुओं ने निवेशकों को चौंका दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में सुबह 10:22 बजे सोने का 2 अप्रैल का कॉन्ट्रैक्ट 1.07 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,62,010 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी का 5 मई का कॉन्ट्रैक्ट 3.46 प्रतिशत की मजबूती के साथ 2,76,411 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता नजर आया। सोने और चांदी की कीमतों में आई यह तेजी निवेशकों की सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ती रुचि को दर्शाती है। वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और कमजोर होता डॉलर भी इस उछाल के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी

केवल घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली है। कमोडिटी एक्सचेंज कॉमेक्स पर सोने की कीमत 1.40 प्रतिशत बढ़कर 5,175 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। वहीं चांदी की कीमत 5.42 प्रतिशत की तेज छलांग के साथ 89.105 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, तब निवेशक जोखिम भरे निवेश से दूरी बनाकर सोने और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं। यही कारण है कि इन धातुओं की मांग अचानक बढ़ जाती है और कीमतों में तेजी आ जाती है।

डॉलर में कमजोरी का असर

सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का एक बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर की कमजोरी भी है। दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स गिरकर 98.85 पर आ गया है। इससे पहले सोमवार को यह 99 के ऊपर था। जब डॉलर कमजोर होता है तो अन्य मुद्राओं में सोना और चांदी खरीदना सस्ता हो जाता है। इससे वैश्विक मांग बढ़ती है और कीमतों में तेजी आती है।

ईरान-इजरालय जंग का असर

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हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बढ़ते तनाव ने भी सोने और चांदी को मजबूती दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान “बहुत जल्द” समाप्त हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जीत का मतलब यह होगा कि तेहरान ऐसे हथियार विकसित करने की क्षमता खो देगा जो अमेरिका, इजरायल या उसके सहयोगियों के लिए खतरा बन सकें। हालांकि ईरान ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान की सैन्य संस्था Islamic Revolutionary Guard Corps (आईआरजीसी) ने सरकारी मीडिया के जरिए कहा कि संघर्ष कब समाप्त होगा यह वाशिंगटन नहीं बल्कि तेहरान तय करेगा। इस तरह के बयान और प्रतिक्रियाएं वैश्विक बाजार में अनिश्चितता को बढ़ाती हैं। ऐसे समय में निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोने और चांदी में निवेश बढ़ा देते हैं।

निवेशकों ने बदली रणनीति

कमोडिटी बाजार के जानकारों के मुताबिक फिलहाल बाजार में सुरक्षित निवेश की प्रवृत्ति बढ़ रही है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक जोखिम के चलते निवेशक अपने पोर्टफोलियो में सोने और चांदी का हिस्सा बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डॉलर इंडेक्स में कमजोरी जारी रहती है और वैश्विक तनाव कम नहीं होता, तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और मजबूती देखने को मिल सकती है। हालांकि निवेशकों को किसी भी निवेश से पहले बाजार के रुझान और जोखिमों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।


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