सचिवालय में फर्जीवाड़े का खुलासा करने वाला खुद ही हुआ अरेस्ट

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लखनऊ– विधानसभा सचिवालय में फर्जी नियुक्तियों का मुद्दा उठाने वाले लाल रत्नाकर सिंह को लखनऊ पुलिस ने सोमवार रात गिरफ्तार कर लिया। उन पर विधानसभा सचिवालय अधिकारी-कर्मचारी संघ का फर्जी लेटर पैड इस्तेमाल करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

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सीबीआई कोर्ट में फर्जी नियुक्तियों के मामले की मंगलवार को सुनवाई होनी है। ऐसे में एक दिन पहले पुलिस की इस कार्रवाई पर कई सवाल उठ रहे हैं। 

आलमबाग निवासी लाल रत्नाकर सिंह विधानसभा सचिवालय में कर्मचारी थे। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई फर्जी नियुक्तियों का मामला उजागर किया था। इसमें तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष माताप्रसाद पांडे समेत कई लोगों के खिलाफ केस चल रहा है। मामला सीबीआई कोर्ट तक पहुंच चुका है। मंगलवार को केस की सुनवाई होनी है। अरेस्ट होने वाले रत्नाकर ही मुकदमे के वादी हैं। रत्नाकर के बेटे क्षेमेंद्र सिंह के मुताबिक, मंगलवार को सीबीआई कोर्ट में साक्ष्य रखे जाने हैं। उनके पिता के न पहुंचने पर मामला खारिज तक किया जा सकता है। इसलिए पुलिस ने जानबूझकर उनके खिलाफ फर्जी केस बनाया और उन्हें सलाखों के पीछे डाल दिया। क्षेमेंद्र का यह भी आरोप है कि सीबीआई कोर्ट की प्रक्रिया को बाधित करने के लिए आरोपितों ने पुलिस के साथ मिलकर यह षड्यंत्र रचा है। 

क्षेमेंद्र के मुताबिक, रत्नाकर को हजरतगंज पुलिस ने सोमवार को केस की फाइल लेकर कोतवाली बुलाया। यहां एसआई प्रमोद यादव ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एसआई का कहना है कि रत्नाकर पर संगठन का फर्जी लेटर पैड इस्तेमाल करने समेत कई अन्य गंभीर आरोप हैं। 

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