योगी के काफिले ने रोकी राजधानी की रफ़्तार , लोगों में दिख़ी नाराजगी

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लखनऊ– बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर राज्यपाल राम नाईक और सीएम आदित्यनाथ ने जहाँ एक तरफ माल्यापर्ण किया;वहीं दूसरी तरफ उनके भारी – भरकम लाव – लश्कर के कारण आम लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ा। 

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राजधानी के हज़रतगंज स्थित अम्बेडकर प्रतिमा पर बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर की पुण्यतिथि के अवसर पर आज सुबह करीब 10 बजे उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंह अपने पूरे लाव – लश्कर के साथ प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे थे। उनके इस कार्यक्रम के चलते शहर के सबसे व्यस्त सड़क परिवहन को प्रोटोकॉल के तहत कुछ समय के लिए रोक दिया गया। जिससे राजधानी की रफ़्तार सुबह – सुबह ही कुछ देर के लिए थम सी गयी। मालूम हो कि सुबह का ये वक्त ऐसा होता है जब अधिकतर लोग अपने दफ्तर पहुँचने की जल्दी में होते हैं क्योंकि सभी ऑफ़िस लगभग 10 बजे के आसपास ही खुलते हैं। ऐसे में जब शहर का ट्रैफिक योगी के काफिले के गुजरने तक के लिए कुछ वक्त के लिए रोक दिया तो लोगों में इस सिस्टम के लिए खासी नाराजगी दिखाई पड़ी; जो कि लाजिमी था । खासकर दफ्तर जाने वाले लोग बसों , कारों ,टेम्पों आदि में फंसे रहे और लोग बार – बार अपनी घड़ी की ओर देख रहे थे तथा उनके चेहरे पर दफ्तर समय से न पहुंच पाने की चिंता साफ़ झलक रही थी।

जब योगी का कार्यक्रम समाप्त हो गया तब जाकर कहीं परिवहन को सुचारू रूप से जारी किया जा सका लेकिन तब तक ये रुका हुआ ट्रैफिक एक बड़े जाम का रूप ले चुका था। योगी का काफिला तो विधानसभा मार्ग की ओर प्रोटोकॉल के तहत खाली किये गए रास्ते से निकल गया लेकिन अपने पीछे राजभवन की तरफ और निशातगंज की तरफ जाने वाले सड़क मार्ग पर भयंकर जाम छोड़ गया। निशातगंज मार्ग की तरफ हज़रतगंज चौराहे से लेकर जवाहर भवन तक गाड़ियों की एक लम्बी कतार लग गयी ; जिससे लोग घंटों जाम में फसे रहे। लोगों में इस सिस्टम के लिए नाराजगी इस कदर थी कि उन्हें यहां तक कहते सुना गया कि सभी राजनेताओं को अपने इस तरह के कार्यक्रम सुबह 4 बजे के आस -पास ही निपटा लेने चाहिए ; जिससे आम जनता को इस तरह की जाम की समस्या से जूझना न पड़े। 

रिपोर्ट – श्वेता सिंह , लखनऊ 

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