पुलिस द्वारा शहर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों पर चोरों ने किया हाथ साफ

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मेरठ — व्यापारियों और आम जनता को सीसीटीवी कैमरे लगाने की नसीहत देने वाली मेरठ पुलिस खुद कितनी सतर्क है इसकी पोल शहर के शातिर चोरों ने खोल कर रख दी है।

करीब 3 माह पहले शहर के 8 प्रमुख चौराहों से पुलिस के सीसीटीवी कैमरा चोरी हो गए और इसका पता भी पुलिस को अब लगा है। यानी इसकी कलाई भी खुल गई कि पुलिसकर्मी कंट्रोल रूम में शहर को कैसे निगरानी कर रहे हैं जो उन्हें कैमरे चोरी होने का दो माह बाद पता चला है। अब एसपी सिटी ने संबंधित थानेदारों से इसकी रिपोर्ट तलब की है।

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बता दें कि पुलिस महकमे ने एक निजी कंपनी के सहयोग से शहर में 52 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं । इन कैमरों का कंट्रोल रूम घंटाघर स्थित एसपी सिटी के कार्यालय में बनाया गया। यहां लगे एलईडी स्क्रीन के माध्यम से पुलिसकर्मी पूरे शहर की गतिविधियों पर निगाह रखते हैं । साल 2018 में पुलिस लाइन में बने ट्रेफिक कंट्रोल रूम से भी इस को जोड़ दिया गया साथ ही 32 अन्य स्थानों पर HD कैमरे लगाए गए। इनका मकसद यही है कि वारदात कर अपराधी भागे तो उन्हें शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर धर दबोच लिया जाए।

जिन स्थानों से यह कैमरे चोरी हुए उनमें से चार चौराहे शहर के मुख्य चौराहों में शुमार है। हापुड़ अड्डा चौराहा, बच्चा पार्क चौराहा,समर गार्डन रोड, फतेहेउल्लापुर, लिसाड़ी रोड,बेगम पुल चोराहा और रेलवे रोड चौराहे से चोरी हुए सीसीटीवी कैमरा जबकि यहां 24 घंटे पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं । यह भी कह सकते हैं कि चैन और पर्स स्नैचिंग के यह सॉफ्ट टारगेट एरिया हैं। 

पुलिस इस एंगल पर जांच कर रही है कि कहीं किसी साजिश के चलते प्रमुख मार्गों से कैमरे चोरी तो नहीं हुए ताकि किसी अपराध को कंट्रोल रूम की निगरानी से छुपाया जा सके। संभव है इन प्वाइंटों के आसपास लगे दूसरे कैमरों से ही चोर का पता चल सकेगा । पुलिस का कहना है कि सभी संबंधित थानेदारों से जांच रिपोर्ट मांगी गई है उसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।लेकिन सवाल यह है कि क्या मेरठ पुलिस अपने चोरी हुए कैमरे वापस ला पाएगी यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है।

(रिपोर्ट-सागर कुशवाहा,मेरठ)

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