नहीं थम रहा सेना से जुड़े लोगों पर अपराध,पीड़ित ने पुलिस से लगाई सुरक्षा की गुहार  

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लखनऊ — राजधानी लखनऊ में बीती 11 जनवरी को सैन्य न्यायालय के जज के स्टोनोग्राफर , घनश्याम सिंह पर लाठी डंडों से जानलेवा हमले के मामले में पीजीआई पुलिस ने खबर छपने के बाद आरोपी सचिन यादव पर 151 की कार्रवाई की थी।

लेकिन जमानत पर छूटते ही गुरुवार को दबंग सचिन यादव ने  घनश्याम सिंह का घेराव कर जान से मारने की धमकी दी। पहले के हमले में ही बुरी तरह घायल घनश्याम सिंह अपने बचाव में कुछ नहीं कर सके।लोगों के बीचबचाव के बाद किसी तरह फिर पीजीआई कोतवाली पहुंचे और अपनी पीड़ा बताई।आरोपी सचिन यादव के खिलाफ फिर तहरीर दी है।

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बता दें कि घनश्याम सिंह पुत्र स्व गोविंद सिंह अपने परिवार के साथ वृन्दावन योजना सेक्टर – 6 के रेवतापुर में रहते हैं । सेना से सुबेदार मेजर के पद से सेवानिवृत्त घनश्याम सिंह वर्तमान में सैन्य न्यायालय कैंट लखनऊ में न्यायाधीश के स्टोनोग्राफर के पद पर कार्यरत हैं । घनश्याम सिंह के मुताविक बीती 9 जनवरी को इलाके का दबंग सचिन शराब पीकर घर के बाहर खड़ा हो कर गाली गलौच कर रहा था । मेरे द्वारा सचिन को घर के सामने गाली गलौज करने से मना करने पर वह आग बबूला हो गया ।

दो दिन बाद 11 जनवरी की सुबह घनश्याम सिंह दूध लेने जा रहे थे कि घर से कुछ दूर पर सचिन अपने साथियों के साथ खड़ा था और नजदीक आते ही वह साथियों संग घनस्याम पर  टूट पड़ा और जमकर पीटा । जिसमें घनश्याम सिंह के दाहिने हाथ में फैक्चर हो गया है, शरीर में अंदरूनी चोटें आईं हैं,जिसकी एफआईआर पीड़ित ने पीजीआई थाने में दर्ज कराई थी,पीड़ित का आरोप है कि 6 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों पर कोई कार्यवाही  नहीं की थी, जब घटना अखबार में छपी तो पुलिस ने आरोपी पर 151 की कार्रवाई कर खाना पूर्ति कर दी। अब जमानत पर छूटा आरोपी सचिन घनश्याम को खुलेआम जान से मारने की धमकी देता घूम रहा है ।

उधर पीड़ित घनश्याम सिंह ने बताया कि सेना में राजपत्रित अधिकारी रहा,और वहाँ से आकर भी सैन्य न्यायालय में न्यायाधीश के स्टोनोग्राफर के पद हूँ। कभी भी समाज विरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं हुआ लेकिन इस उम्र में गली मोहल्ले के गुंडे जानलेवा हमला करते हैं।जान से मारने की धमकी देते हैं,और पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है।

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