एक करोड़पति पिता ने भीख मांगकर जीती बेटों के खिलाफ कानूनी लड़ाई

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गाजियाबाद -– उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में दो बेटों ने करोड़ों की संपत्ति अपने नाम कर बुजुर्ग पिता को घर से धक्के मारकर निकाल दिया था। वही पीडित बुजुर्ग पिता ने दोनों बेटों के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और भीख मांगकर चार साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी।

 

उसकी यह लड़ाई रंग लई और कोर्ट ने दोनों बेटों को प्रत्येक माह अपने पिता को 15-15 हजार रुपये देने का फैसला सुनाया है।दरअसल अबूपुर गांव निवासी महाराज सिंह (75) के दो बेटे रवींद्र और जितेंद्र हैं। जबकि, तीसरे बेटे लवींद्र की मौत हो चुकी है। महाराज सिंह की पत्नी की भी मौत हो चुकी है। उन्होंने अपनी करोड़ों रुपये की कृषि भूमि तीनों बेटों में बांट दी थी।

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वह बेटे लवींद्र  के पास रहते थे। लवींद्र की मौत के बाद रवींद्र और जितेंद्र ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। जिसके बाद उन्होंने अपनी थोड़ी सी जमीन 47 लाख रुपये में बेच दी। यह रकम दोनों बेटों ने हड़प ली। बाद में दोनों ने उन्हें डरा धमकाकर तमाम संपत्ति अपने नाम करा ली। पिता को खाना देना बंद कर दिया और करीब छह साल पहले मारपीट कर घर से निकाल दिया। कोई सहारा नहीं होने पर

महाराज सिंह गढ़मुक्तेश्वर स्थित ब्रजघाट के एक मंदिर में रहने लगे। वह यहां भीख मांगकर गुजारा करते हैं। उन्होंने जुलाई 2013 में कोर्ट में अर्जी दाखिल करके बेटों से भरण-पोषण दिलाए जाने की गुहार लगाई। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश कमलेश कुमार ने रवींद्र और जितेंद्र को आदेश दिया कि वह अपने पिता को 15-15 हजार रुपये प्रति माह देंगे। 

 

 

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