…और राशन कार्ड की वजह से 13 लोगो को हो गया एड्स 

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न्यूज डेस्क — यह कहानी सभ्य होने का दंभ भरने वाले समाज की है। वह समाज जिसकी जड़ों में भ्रष्टाचार पैठ बना चुका है। जहां किसी अबला को मदद और आत्मीयता के नाम पर तथाकथित मददगार उसका शरीर चाहते हैं। लेकिन इस पूरे संसार को संचालित करने वाले ईश्वर का भी खेल अजब है।

वह किसी न किसी रुप में न्याय जरूर करता।शायद इस कहानी का अंत भी उसी नेचुरल जस्टिस का परिणाम है जिसके माध्यम से समाज को एक संदेश भी है शायद।भ्रष्टाचार एवं शोषण की इस कहानी की शुरूआत करीब तीन साल पहले होती है। यह आपबीती गोरखपुर जिले के भटहट क्षेत्र में एक गांव में रहने वाली एक विधवा की है। पति की मौत के बाद गरीबी से लाचार वह अबला प्रधान से एक अदद राशन कार्ड के लिए गुहार लगाती है। राशन कार्ड मांगने गई उस महिला को देख प्रधानजी की नीयत बिगड़ जाती है। असहाय औरत को पहले खूब दौड़ाते हैं और फिर मदद के नाम पर उसके शरीर से सौदा करते हैं।

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महिला का शोषण कर रहे प्रधानजी यहीं नहीं रुकते। उस अबला को अपने सेक्रेटरी के पास पहुंचा देते हैं। बेचारी अबला करती भी तो क्या। वह चुपचाप अपना शोषण सहती है। एक अदद राशन कार्ड जो चाहिए था। दो जून की रोटी के लिए मनरेगा में काम भी उसे चाहिए। विधवा महिला के शोषण का सिलसिला यहीं नहीं थमा। राशन कार्ड बनवाने और उसे लाभ दिलाने वाले काकस में करीब 13 लोग शामिल हो गए। लेकिन कहते हैं न उपर वाले की लाठी में आवाज नहीं होती। शायद यही हुआ। चुपचाप सबकुछ सहती, अकेली टूट चुकी महिला के साथ हो रहे अन्याय पर विधाता को भी तरस आ गया।  

एक दिन महिला को कुछ परेशानी हुई। यह करीब तीन महीने पहले की बात है। तथाकथित शुभचिंतक प्रधान ने उसे एक चिकित्सक से दिखाया। खून की जांच हुई। सरकारी अस्पताल में हुई जांच में महिला को एचआईवी संक्रमित होने की रिपोर्ट आई। रिपोर्ट आते ही उसके सारे तथाकथित शुभचिंतकों के होश उड गए। परेशान हाल ये लोग महिला को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर पर लेकर पहुंचे। वहां जांच हुई तो रिपोर्ट में एड्स संक्रमित होने की बात की पुष्टि हो गई। अब तो सब परेशान। चूंकि, एआरटी सेंटर पर ऐसे मरीजों की काउंसलिंग की जाती है और उसके संबंधों की पड़ताल की जाती ताकि समय रहते अन्य लोगों का भी इलाज किया जा सके। 

काउंसलिंग के दौरान महिला ने अपने साथ हुई एक-एक बात बता दी। कहानी जानकर एक्सपर्टस् भी परेशान हो उठे। इन लोगों ने एक-एक कर 13 लोगों की जांच की तो पता चला कि सबको संक्रमण है। अभी इन लोगों से जुड़े अन्य लोगों की जांच नहीं हो सकी है।  बताया जा रहा कि महिला का पति परेदस में कमाता था। करीब छह साल पहले विवाह हुआ था। लेकिन शादी के तीन साल बाद ही उसकी मौत हो गई। अनुमान लगाया जा रहा कि महिला को उसके पति से ही यह बीमारी मिली थी। जो अनजाने में उससे अन्य लोगों में फैलता गया।

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