Ayatollah Ali Khamenei Last Journey: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का 28 फरवरी 2026 अमेरिकी हमले में निधन हो गया था। अब मौत के तीन महीने से ज़्यादा समय बाद गुरुवार 9 जुलाई को उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। दफ़नाने से पहले, खामेनेई के पार्थिव शरीर को इराक के शहरों नजफ और कर्बला ले जाया गया, जहां उनसे जुड़ी धार्मिक रस्में निभाई गईं। इसके बाद, उनके शरीर को एक विशेष विमान से ईरान के मशहद लाया गया। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, खामेनेई को उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार मशहद में इमाम रजा की दरगाह के पास दफनाया जाएगा। खामेनेई को अंतिम विदाई देने लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में अकीदतमंदों और अजादारों पहुंचे हुए है। उधर ईरानी सरकार ने खामेनेई के लिए तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।
खामेनेई के जनाजे में उमड़ा जनसैलाब
ईरानी सरकारी ने बताया कि अंतिम संस्कार मूल रूप से सुबह के लिए निर्धारित था। कार्यक्रम में देरी इसलिए हुई क्योंकि इराक के नजफ और कर्बला में अंतिम जुलूस के दौरान उम्मीद से कहीं ज़्यादा भीड़ जमा हो गई थी। यह देरी हालिया हमलों के कारण नहीं हुई है। अब खामेनेई को ईरान के मशहद में भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे दफ़नाया जाएगा। खामेनेई को अंतिम सम्मान देने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।
शहरभर में खामेनेई के बड़े-बड़े चित्र लगाए गए हैं और “अमेरिका मुर्दाबाद”, “इजरायल मुर्दाबाद” के नारे भी गूंज रहे है। अंतिम विदाई देने के लिए ईरान के मशहद शहर में बड़ी संख्या में लोग जमा होने लगे थे। कई लोग तो जगह पाने के लिए एक दिन पहले ही आ गए थे। इस दौरान इस ऐतिहासिक और बेहद भावुक मौके पर राजधानी में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
कर्बला में निकाला गया था जुलूस
इससे पहले खामेनेई के अंतिम संस्कार के जुलूस के दौरान, इराक के पवित्र शहर कर्बला में इतनी भारी भीड़ उमड़ पड़ी कि सड़कें लोगों से पूरी तरह भर गईं। मुख्य रास्ते और पवित्र स्थलों के आसपास लाखों लोग जमा हो गए थे। सभी की नज़रें उस ताबूत पर टिकी थीं जिसका घंटों से इंतज़ार किया जा रहा था। इससे पहले, खामेनेई के ताबूत को इराक के ही एक और पवित्र शहर, नजफ़ ले जाया गया था।
28 फरवरी को हुई थी खामेनेई मौत
गौरतलब है कि ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का 28 फरवरी 2026 अमेरिकी हमले में निधन हो गया था। तीन महीने बाद उनके उन्हें दफनाया जाएगा। उनकी अंतिम संस्कार की प्रक्रिया ईरान की राजधानी तेहरान में शुरू हुई। अगले दिन कोम शहर में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके बाद, उनके पार्थिव शरीर को इराक ले जाया गया, जहां पवित्र शहरों नजफ और कर्बला में अंतिम दर्शन और धार्मिक अनुष्ठान हुए।
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Ayatollah Ali Khamenei: मौत के तीन महीने बाद खामेनेई सुपुर्द-ए-खाक, अंतिम विदाई में उमड़ा हुजूम
Ayatollah Ali Khamenei Last Journey: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का 28 फरवरी 2026 अमेरिकी हमले में निधन हो गया था। अब मौत के तीन महीने से ज़्यादा समय बाद गुरुवार 9 जुलाई को उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। दफ़नाने से पहले, खामेनेई के पार्थिव शरीर को इराक के शहरों नजफ और कर्बला ले जाया गया, जहां उनसे जुड़ी धार्मिक रस्में निभाई गईं। इसके बाद, उनके शरीर को एक विशेष विमान से ईरान के मशहद लाया गया। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, खामेनेई को उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार मशहद में इमाम रजा की दरगाह के पास दफनाया जाएगा। खामेनेई को अंतिम विदाई देने लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में अकीदतमंदों और अजादारों पहुंचे हुए है। उधर ईरानी सरकार ने खामेनेई के लिए तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।
खामेनेई के जनाजे में उमड़ा जनसैलाब
ईरानी सरकारी ने बताया कि अंतिम संस्कार मूल रूप से सुबह के लिए निर्धारित था। कार्यक्रम में देरी इसलिए हुई क्योंकि इराक के नजफ और कर्बला में अंतिम जुलूस के दौरान उम्मीद से कहीं ज़्यादा भीड़ जमा हो गई थी। यह देरी हालिया हमलों के कारण नहीं हुई है। अब खामेनेई को ईरान के मशहद में भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे दफ़नाया जाएगा। खामेनेई को अंतिम सम्मान देने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।
शहरभर में खामेनेई के बड़े-बड़े चित्र लगाए गए हैं और “अमेरिका मुर्दाबाद”, “इजरायल मुर्दाबाद” के नारे भी गूंज रहे है। अंतिम विदाई देने के लिए ईरान के मशहद शहर में बड़ी संख्या में लोग जमा होने लगे थे। कई लोग तो जगह पाने के लिए एक दिन पहले ही आ गए थे। इस दौरान इस ऐतिहासिक और बेहद भावुक मौके पर राजधानी में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
कर्बला में निकाला गया था जुलूस
इससे पहले खामेनेई के अंतिम संस्कार के जुलूस के दौरान, इराक के पवित्र शहर कर्बला में इतनी भारी भीड़ उमड़ पड़ी कि सड़कें लोगों से पूरी तरह भर गईं। मुख्य रास्ते और पवित्र स्थलों के आसपास लाखों लोग जमा हो गए थे। सभी की नज़रें उस ताबूत पर टिकी थीं जिसका घंटों से इंतज़ार किया जा रहा था। इससे पहले, खामेनेई के ताबूत को इराक के ही एक और पवित्र शहर, नजफ़ ले जाया गया था।
28 फरवरी को हुई थी खामेनेई मौत
गौरतलब है कि ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का 28 फरवरी 2026 अमेरिकी हमले में निधन हो गया था। तीन महीने बाद उनके उन्हें दफनाया जाएगा। उनकी अंतिम संस्कार की प्रक्रिया ईरान की राजधानी तेहरान में शुरू हुई। अगले दिन कोम शहर में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके बाद, उनके पार्थिव शरीर को इराक ले जाया गया, जहां पवित्र शहरों नजफ और कर्बला में अंतिम दर्शन और धार्मिक अनुष्ठान हुए।
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