Amarnath Yatra: अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ, बाबा बर्फानी के दर्शन को लेकर एडवाइजरी जारी

Amarnath Yatra 2026: ‘बाबा बर्फानी’ के भक्तों का इंतजार खत्म हो गया है। आज से पवित्र अमरनाथ यात्रा आगाज हो गया है। देश भर से सैकड़ों श्रद्धालु पहलगाम और बालटाल बेस कैंप पहुंच चुके हैं। बाबा बर्फानी के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। 57 दिन तक चलने वाली यह यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को खत्म होगी।

गुरुवार (2 जुलाई) को जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से बालटाल और पहलगाम जाने वाले तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को रवाना किया। इस जत्थे में 4,822 तीर्थयात्री शामिल हैं, जिन्हें 259 गाड़ियों के सुरक्षा घेरे में भेजा गया है। 28 अगस्त तक, लाखों भक्त पवित्र गुफा के अंदर प्राकृतिक रूप से बने बर्फ के शिवलिंग के दर्शन कर सकेंगे।

Amarnath Yatra 2026: भक्तों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी

अगर आप भी इस साल बाबा अमरनाथ के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं, तो यात्रा पर निकलने से पहले प्रशासन द्वारा जारी जरूरी दिशा-निर्देश (Issues Advsiory) जरूर पढ़ लें; वरना आपको बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और यात्रा के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए कोर्ट के निर्देश पर प्रतिदिन यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या तय की गई है।

प्रशासन ने बताया कि यात्रा शुरू होने से काफी पहले देश भर की बैंक शाखाओं और ऑनलाइन माध्यम से अग्रिम रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। अधिकांश भक्तों ने पहले ही रजिस्ट्रेशन करा लिया है। नतीजतन, अब ऑन-स्पॉट या तत्काल रजिस्ट्रेशन के लिए स्लॉट बहुत सीमित हैं।

हालांकि हजारों तीर्थयात्री बिना रजिस्ट्रेशन के प्रतिदिन जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे हैं। तत्काल सुविधा के तहत उन सभी को समायोजित करना प्रशासन के लिए संभव नहीं है। श्राइन बोर्ड ने सभी तीर्थयात्रियों से अनुरोध किया है कि वे एडवांस रजिस्ट्रेशन कराने के बाद ही जम्मू-कश्मीर की यात्रा पर निकलें।

दरअसल कई पंजीकृत तीर्थयात्री अपनी निर्धारित तिथि से पहले जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी श्रद्धालु को उनकी निर्धारित रजिस्ट्रेशन तिथि से पहले यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बेस कैंप में भीड़ से बचने के लिए तीर्थयात्रियों को निर्धारित समय पर ही पहुंचना चाहिए।

Amarnath Yatra 2026: चप्पे-चप्पे रहेंगी नजर

उधर अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए किए गए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर में कई स्तरों वाला सुरक्षा घेरा बनाया गया है। यात्रा के रास्तों, बेस कैंप और संवेदनशील इलाकों में सेना, सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के 50,000 से ज़्यादा जवानों को तैनात किया गया है। यानी चप्पे-चप्पे पर सेना और स्थानीय प्रशासन की नजर रहेगी। गांदरबल के डिप्टी कमिश्नर जतिन किशोर ने यात्रियों से नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।


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