Datia By-Election: दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाने के भाजपा के फैसले के बाद जिले में हलचल मची हुई है। उम्मीदवार बदलने से नाराज समर्थकों का विरोध शनिवार सुबह हिंसक हो गया, जिसके बाद जिला प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 163 लागू करनी पड़ी।
15 KM लंबा लगा जाम
शुक्रवार को डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने ग्वालियर-झांसी हाईवे समेत जिले में कई जगहों पर सड़कें जाम कर दीं। शुक्रवार शाम शुरू हुआ आक्रोश शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे हिंसक झड़पों में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने ग्वालियर-झांसी हाईवे पर 15 से 20 किलोमीटर लंबा जाम लगा दिया। जिससे पड़ोसी जिलों की यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई।
DM-SP समेक कई घायल
विरोध प्रदर्शन के दौरान, गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, जिससे कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और एक कार पलट गई। उधर हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। पथराव में दतिया के DM-SP समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। जबकि नरोत्तम मिश्रा के कुछ समर्थक भी घायल हुए हैं। जिले के अतिरिक्त SP मंजीत सिंह चावला ने बताया कि जिले में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। स्थिति को देखते हुए पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त बल की मांग की गई है।
प्रदर्शनकारियों से बातचीत करके स्थिति को सामान्य करने की कोशिशें की जा रही हैं। विरोध प्रदर्शन के कारण हाईवे पर लगे भारी ट्रैफिक जाम में सैकड़ों ट्रक और यात्री बसें फंसी रहीं। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने झांसी और ग्वालियर की ओर जाने वाले ट्रैफिक का रास्ता बदल दिया है। अभी दतिया और ग्वालियर पुलिस मिलकर ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रही हैं।
जिले में धारा 163 लागू
उधर कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, दतिया जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी है। इस आदेश के तहत किसी भी तरह की अनधिकृत सभा, जुलूस, धरना, विरोध प्रदर्शन या सार्वजनिक कार्यक्रम पर रोक है। पांच या उससे ज़्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। पूरे जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए हर कोने में पुलिस बल तैनात किया गया है।
कई नेताओं ने दिया पद से इस्तीफा
चुनाव टिकट न मिलने से नाराजगी के कारण दतिया बीजेपी इकाई में संगठन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बीजेपी जिलाध्यक्ष रघुवीर सरन, नगर सचिव और जिला कोषाध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। समर्थकों का दावा है कि बीजेपी के कई पार्षदों ने भी सामूहिक इस्तीफे सौंपे हैं। वहीं, टिकट मिलने पर आशुतोष तिवारी ने कहा, “पार्टी ने मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे मैं पूरी निष्ठा के साथ निभाऊंगा। डॉ. नरोत्तम मिश्रा मेरे अभिभावक की तरह हैं; उन्होंने खुद मुझे फोन करके बधाई दी।”
नरोत्तम मिश्रा के समर्थक क्यों भड़के
दरअसल पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के बाद से ही क्षेत्र में सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे थे। उन्होंने नामांकन पत्र भी खरीद लिए थे और लगातार जनसभाएं कर रहे थे। हालांकि, आखिरी समय में पार्टी ने आशुतोष तिवारी के नाम पर मुहर लगा दी। अब तक दतिया सीट के लिए 13 लोगों ने नामांकन फॉर्म खरीदे हैं, जिनमें से चार ने नामांकन दाखिल भी कर दिया है। BJP द्वारा टिकट की घोषणा के तुरंत बाद पार्टी के भीतर खुली बगावत शुरू हो गई।
बता दें कि कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती को दिल्ली की एक अदालत ने अप्रैल 2026 में धोखाधड़ी के एक मामले में तीन साल की जेल की सजा सुनाई थी। साथ ही उनकी विधानसभा सदस्यता भी रद्द कर दी गई, जिससे दतिया सीट खाली हो गई और उपचुनाव की ज़रूरत पड़ी। कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती ने 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,500 से ज़्यादा वोटों के अंतर से हराकर विधायक बने थे। अब खाली हुई इस सीट के लिए वोटिंग 30 जुलाई को होनी है और नतीजे 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे।
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