…जब जान हथेली पर रखकर दलितों ने पहनाई बाबा आम्बेडकर को माला

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हरदोई– बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के जन्मदिन पर देश का हर राजनीतिक दल दलित वोट बैंक की खातिर अपने अपने तरीके से बाबा साहब का जन्मदिन मनाने में जुटा है।

लेकिन ऐसे में उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो दिखावे की राजनीति करने वाले राजनेताओं और प्रशासन पर सवाल खड़े करती है। दरअसल दलित बस्ती में लगी एक अंबेडकर प्रतिमा को माला पहनाने के लिए पिछले दस वषों से दलितों को जान हथेली में रखकर गंदे और कीचड भरे पानी से गुजरकर बाबा साहब की मूर्ति तक पहुंचना पड़ता है।

एक तालाब नुमा पानी भरे स्थल के बीचों बीच में लगी बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति हरदोई नगर पालिका के विनियमित क्षेत्र के वार्ड सैयापुरवा में लगी हुई है।इसी मूर्ति पर आज बाबा साहब के जनदिन पर उनकी मूर्ति पर माला डालने के लिए दलित बस्ती के पुरुष ,महिलाओ और बच्चो को गंदे पानी के बीचोबीच जान हथेली पर रखकर जाना पड़ा। शहर की दलित बस्ती में नगरपालिका के सैयापुरवा वार्ड में दलितों ने बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति की स्थापना सन 1994 में की थी। यहां के रहने वाले दलित बिरादरी के बाशिंदे इस बात को लेकर बहुत क्षोभ में है कि दलितों के नाम पर सारे राजनीतिक दल और प्रशासन बड़े बड़े वादे करते हैं।

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बाबा साहब के जन्मदिन पर कार्यक्रमों का आयोजन भी करते हैं लेकिन पिछले 10 सालों से वह लोग लगातार देश के प्रधानमंत्री ,मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन को लिखित रुप से इस मूर्ति स्थल की बदहाली को लेकर चिट्ठी-पत्री से लेकर धरना प्रदर्शन और आंदोलन तक कर चुके हैं लेकिन उसके बाद भी किसी भी स्तर पर उनकी मांग का कोई संज्ञान नहीं लिया गया। जिसके चलते लगातार दस सालो से उन्हें बाबा साहब के जन्मदिन पर इसी तरह कीचड ,गंदे पानी के बीच से जाना पड़ता है। 

अब जब प्रशासन से इस स्थान की बदहाली पर सवाल किया गया तो हमेशा की तरह प्रशासन इस बार भी इस स्थल के जल्दी ही सुंदरीकरण करने का दावा जरूर कर रहा है। 

(रिपोर्ट – सुनील अर्कवंशी , हरदोई )

 

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