अधिवक्ताओं को एओआर में शामिल करने की जिला जज से करेंगे मांग

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लखनऊ–जिला न्यायधीश लखनऊ द्वारा एडवोकेट आन रिकार्ड के लिए फॉर्म जारी किया गया है जिसमे अधिवक्ताओं को इस बात का शपथ-पत्र दिया जाना अनिवार्य किया गया है कि वे किसी अन्य जगह पर एडवोकेट आन रिकार्ड (एओआर) नहीं है।

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एएफटीबार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री एवं प्रवक्ता विजय कुमार पाण्डेय ने भी इस प्रकार के शपथ-पत्र को अधिवक्ता हितों के विपरीत बताते हुए कहा कि एडवोकेट आन रिकार्ड की व्यवस्था सिर्फ उन तथाकथित अधिवक्ताओं को विधिक-व्यवसाय से बाहर करना है जो केवल डिग्री लेकर विधिक-व्यवसाय की जगह इसकी आड़ में अन्य धंधों में लिप्त हैं, यदि कोई अधिवक्ता किसी अदालत में विधिक-व्यवसाय कर रहा है तो उसे एडवोकेट आन रिकार्ड में शामिल होने से नहीं रोंका जाना चाहिएl

विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि अधिवक्ता समाज हमारी व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग है जिसके बगैर कानून के अनुपालन की कल्पना भी संभव नहीं है ऐसे में उन अधिवक्ताओं को इस प्रक्रिया के माध्यम से बाहर किया जाना उचित प्रतीत नहीं होता, उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज का अंग होने के कारण हम अधिवक्ताओं का पक्ष रखने के लिए एक प्रतिनिधि मंडल के साथ जिला न्यायधीश से मिलकर लिखित रूप से मांग करेंगें कि इस व्यवस्था को लागू करने के पहले विचार किया जाए जिससे विधिक-व्यवसाय करने में अधिवक्ताओं को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े l

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