KC Tyagi Resign: सीएम नीतीश के पुराने साथी केसी त्यागी ने JDU से दिया इस्तीफा, 22 को करेंगे बैठक

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KC Tyagi Resigns JDU: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा चुनाव में मिली जीत के बाद उनका उच्च सदन में जाने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से ठीक पहले जेडीयू को तगड़ा झटका लगा है। नीतीश कुमार के पुराने साथी और JDU के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने पार्टी से अलग होने का फैसला किया है। जेडीयू का सदस्यता अभियान खत्म होने के बाद भी उन्होंने अपनी पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया है।

के.सी. त्यागी ने अब खुद यह बताया है कि JDU में उनकी सदस्यता खत्म हो गई है, क्योंकि उन्होंने इसे रिन्यू नहीं करवाया है। उन्होंने आगे कहा कि समाज के वंचित वर्गों, किसानों और खेती-बाड़ी से जुड़े लोगों के हितों से जुड़े व्यापक और विस्तृत वैचारिक मुद्दों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी उतनी ही मजबूत है, जितनी पहले थी।

Tyagi Resigns JDU: 22 मार्च को करेंगे बैठक

रिपोर्ट्स के मुताबिक, त्यागी अपने कई राजनीतिक दोस्तों, शुभचिंतकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर 22 मार्च को दिल्ली में समान विचारधारा वाले लोगों के साथ एक बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक के दौरान, वे वहां मौजूद लोगों से सलाह-मशविरा करने के बाद अपनी भविष्य की रणनीति या कार्ययोजना तैयार करेंगे।

शुरुआत से ही जेडीयू से जुडे

बता दें कि जेडीयू का गठन 30 अक्टूबर, 2003 को समता पार्टी और जनता दल के विलय से हुआ था। जॉर्ज फ़र्नांडिस पार्टी के अध्यक्ष थे, जबकि केसी त्यागी उनके साथ महासचिव के तौर पर काम करते थे। त्यागी ने कई सालों तक शरद यादव और नीतीश कुमार के साथ भी मिलकर काम किया है। उन्होंने पहले भी जेडीयू में कई अहम पदों पर काम किया है, जिनमें प्रधान महासचिव, मुख्य प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे पद शामिल हैं।

Tyagi Resigns JDU: सीएम नीतीश के करीबी

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केसी त्यागी लंबे समय से जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं और राष्ट्रीय स्तर के चेहरों में गिने जाते रहे हैं। उन्हें नीतीश कुमार के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक माना जाता था; हालांकि, कहा जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों में दोनों के बीच दरार आ गई है। केसी त्यागी ने मंगलवार को इस मामले पर एक बयान जारी करके इस बात को सार्वजनिक किया। बताया जा रहा है कि पार्टी के भीतर उनके बयानों और विचारों को अब पहले जैसा महत्व नहीं दिया जा रहा था।

ऐसे में उनका सदस्यता रिन्यू नहीं करना जेडीयू के लिए एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। हालांकि इस मुद्दे पर अभी तक केसी त्यागी या जेडीयू की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हैं और आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति पर इसका असर पड़ सकता है।

JDU को कितना होगा नुकसान

केसी त्यागी दिल्ली की राजनीति में JDU का सबसे जाना-पहचाना चेहरा थे। राष्ट्रीय मीडिया के साथ उनके मजबूत तालमेल और साथ ही विपक्षी नेताओं के साथ उनके सौहार्दपूर्ण संबंधों ने नीतीश कुमार के लिए एक अहम ब्रिज का काम किया। ऐसे समय में जब नीतीश कुमार राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका का विस्तार करना चाह रहे हैं, त्यागी जैसे अनुभवी रणनीतिकार का पार्टी छोड़ना एक बड़े नुकसान के तौर पर देखा जा रहा है।


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