Delhi Air Pollution: दिल्ली के सभी ऑफिसों में 50% वर्क फ्रॉम होम लागू, मजदूरों 10,000 रुपये देगी सरकार

129

Delhi Air Pollution: दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है। इसके चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान में अहम बदलाव किए हैं। आयोग के आदेश के मुताबिक, कुछ उपाय जो पहले चरण चार में शामिल थे, उन्हें अब चरण तीन में लागू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदूषण को बढ़ने से रोकना है।

Delhi Air Pollution: 18 दिसंबर से लागू होगा आदेश

दरअसल दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण ग्रेप-4 लागू किया गया है। दिल्ली में श्रम विभाग ने कहा कि 18 दिसंबर से राष्ट्रीय राजधानी में कार्यालयों और व्यावसायिक संस्थानों में केवल 50 प्रतिशत उपस्थिति की अनुमति होगी, जबकि बाकी कर्मचारी घर से काम करेंगे। कार्यालयों को लचीले कामकाजी घंटे शुरू करने के लिए भी कहा गया है। जेल, स्वास्थ्य सेवाएं, सार्वजनिक परिवहन, बिजली और अन्य आवश्यक विभागों सहित आवश्यक सेवाओं को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है।

इससे न सिर्फ वाहनों की संख्या कम होगी, बल्कि ट्रैफिक जाम और धुएं का असर भी कम होगा। वजह साफ है कि गाड़ियों से निकलने वाला धुआं हवा को काफी प्रदूषित करता है। खासकर तब जब प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा हो। वाहनों की अधिक आवाजाही से हानिकारक कण हवा में फैल जाते हैं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, इसलिए वाहनों की संख्या कम करने के लिए दफ्तरों की जगह घर से काम करने को बढ़ावा दिया जा रहा है।

Delhi Air Pollution: मजदूरों को 10,000 रुपये देगी सरकार

Related News
1 of 1,186

इतनी ही नहीं सरकार ने दिल्ली में निर्माण कार्य पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। साथ ही श्रम विभाग ने यह भी कहा कि सभी पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को जीआरएपी प्रतिबंधों के कारण निर्माण बंद होने की अवधि के दौरान काम के नुकसान के मुआवजे के रूप में 10,000 रुपये मिलेंगे। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब बुधवार सुबह दिल्ली की वायु गुणवत्ता में थोड़ा सुधार हुआ है. दिल्ली का समग्र AQI 328 दर्ज किया गया, जो अभी भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है।

Delhi Air Pollution: AQI 300 के पार

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में चल रही तेज ठंडी हवाओं के कारण वायु प्रदूषण में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और यूपीपीसीबी के विभिन्न वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के अधिकांश क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 से ऊपर दर्ज किया गया है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।


ये भी पढ़ेंः-Viral Girl Monalisa: खूबसूरती’ बनी मुसीबत ! महाकुंभ छोड़ने को मजबूर हुई मोनालिसा

ये भी पढ़ें:-प्रेमी ने प्रेग्नेंट कर छोड़ा, मां-बाप ने घर से निकाला, मसीहा बने दारोगा ने खुशियों से भर दी झोली

(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं…)

Comments
Loading...