Noida Rain: उत्तर प्रदेश के नोएड में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मानसून की बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। गुरुवार सुबह हुई जोरदार बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया। बारिश के कारण सड़कें तालाब में बदल गई हैं, जिससे आने-जाने वालों, स्कूली बच्चों और स्थानीय निवासियों को सबसे ज़्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बारिश ने ड्रेनेज सिस्टम और मानसून की तैयारियों को लेकर नोएडा अथॉरिटी के दावों की पोल एक बार फिर खोल दी है।
झमाझम बारिश से डूबीं सड़कें
दरअसल नोएडा में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार झमाझम बारिश के कारण मुख्य सड़कों, अलग-अलग सेक्टरों और गांवों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन गई है। सेक्टर 57 और 58 को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर भारी जलभराव देखा गया। सड़कों पर कई फीट पानी भर जाने के कारण गाड़ियों की आवाजाही ठप हो गई और लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज़्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ा; कई जगहों पर गाड़ियां पानी में बंद हो गईं, जबकि पैदल चलने वालों को गंदे और बदबूदार पानी से होकर गुजरना पड़ा।
यही स्थिति सेक्टर 27 में भी देखने को मिला यहां भी सड़कें भी पूरी तरह पानी में डूबी हुई हैं। सीवेज और नालियों का ओवरफ्लो होता पानी सड़कों पर फैल गया, जिससे पूरे इलाके में गंदगी और बदबू का माहौल बन गया। हैरानी की बात यह है कि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों के घरों के बाहर भी जलभराव देखा गया। सेक्टर 27 में सड़कें पानी में डूबी रहीं, जबकि इस इलाके में नोएडा अथॉरिटी और पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी रहते हैं। इससे अथॉरिटी की मॉनसून तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
संक्रमण और बीमारियों बढ़ गया खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों और सीवर की समय पर ठीक से सफाई न होने के कारण हर मानसून में ऐसी स्थिति बनती है, फिर भी इसके स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। वहीं बारिश से हुए जलभराव ने संक्रमण और पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा भी बढ़ा दिया है। स्थानीय निवासियों को चिंता है कि बारिश के बाद कई दिनों तक जमा रहने वाले पानी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ सकता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाएगा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल मानसून से पहले नालियों की सफ़ाई, ड्रेनेज सिस्टम की मरम्मत और जल-जमाव को रोकने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही भारी बारिश में ये वादे खोखले साबित होते हैं। नागरिकों का कहना है कि अगर नालियों और सीवर लाइनों की ठीक से सफ़ाई की गई होती और ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर को समय रहते मज़बूत किया गया होता, तो शहर को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
रोजमर्रा की जिदगी अस्त-व्यस्त
गौरतलब है कि लगातार हो रही बारिश के बीच, नोएडा के कई इलाकों में जल-जमाव से न सिर्फ़ ट्रैफिक बाधित हुआ है, बल्कि लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी भी अस्त-व्यस्त हो गई है। निवासियों को अब उम्मीद है कि नोएडा अथॉरिटी जल्द ही ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी, ताकि हर मानसून में होने वाली जल-जमाव की समस्या से राहत मिल सके।
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