अथर्ववेद की इस विधि से दूर होगा Corona, सरकार से वैज्ञानिक मान्यता देने की मांग

सोनभद्र में एक व्यक्ति अथर्ववेद के धूपन विधि से इस महामारी को उपचार करने का दावा कर रहा है।

सोनभद्र– आज पूरा विश्व Corona वाइरस  महामारी को लेकर जूझ रहा है और इसके उपचार के लिए कई तरीके इजाद करने में लगे हुए है तो वही सोनभद्र में एक व्यक्ति अथर्ववेद के धूपन विधि से इस महामारी को उपचार करने का दावा कर रहा है।

जिसको लेकर गुप्त काशी के संयोजक रवि प्रकाश चौबे ने भाजपा के सदर विधायक को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से केन्द्र और प्रदेश सरकार से मांग किया गया है कि अथर्वदेव के धूपन विधि को वैज्ञानिक मान्यता देने का आग्रह किया गया है। ताकि इस विधि के माध्यम से कोरोना वाइरस से प्रभावित लोगों का उपचार करके लोगो को Corona महामारी से बचाया जा सके।

रवि प्रकाश चौबे ने बताया कि जड़ी बूटियों के हवन से Corona महामारी का इलाज संभव है। इसको लेकर वर्ष 2003 में सार्स बीमारी का इलाज किया गया जिसको लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व.सुषमा स्वराज से भेंट किया था जिस पर उन्होंने आयुर्वेद अनुसन्धान सिद्धि केंद्र को पत्र प्रेषित किया था।

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भारत को विश्व गुरु बनाने की अटल प्रतिज्ञा और आज पूरे विश्व में फैली लाईलाज वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से देश को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी ने तमाम उपायों के साथ एक दिन  यानी 22 मार्च 2020 दिन रविवार को स्वघोषित कर्फ्यू के माहौल में समस्त देशवासियों को रहने की बात कही है, जो अक्षरसः सही है ।आप सभी 1 दिन ही नहीं एक सप्ताह तक जब तक इस बीमारी का संपूर्ण समाधान नहीं हो जाता तब तक आप अपने घर परिवार में रह कर अथर्ववेद के धुपन विधि से दूर कर सकते है।

यह है धूपन विधि :

भारतीय ग्रंथों चिकित्सा के जनक अथर्ववेद का उपांग आयुर्वेद द्वारा बताई हुई जड़ी-बूटीयो उपलब्ध औषधियों का प्रयोग कर अपने घरों में सुरक्षित रह सकते हैं । संभव हो सके तो सोते समय दो काली मिर्च एक लवंग मुख में डालकर 5-10 मिनट उसके लार्वा को अन्दर जाने दे। तद उपरान्त एक ग्लास गुनगुना पानी पियें। कोरोना ही नही किसी भी विषाक्त वायरस को वायुमंडल से समाप्त करने के लिए अपने  घरों में गाय का घी, गुड़, किशमीश, मुनक्का, लवंग, गाय के गोबर की बनी उपली, आम, गुलर, पीपल, पाकर, पलास, अर्जुन, अशोक की छाल व  लकड़ी, लोहबान इत्यादि इनमे से जो भी सम्भव हो सके जो भी मात्रा में उपलब्ध हो सके का हवन करना ही धुपन विधि है।

वही सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि अगर अर्थववेद के धुपन विधि से कोरोना जैसी महामारी का इलाज सम्भव है तो इसके लिए वह केन्द्र व प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर व प्रधानमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर भी इस विधि को वैज्ञानिक मान्यता दिलाने का प्रयास करूंगा।

(रिपोर्ट-रविदेव पांडेय, सोनभद्र)

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