Makhanlal Sarkar: कौन है माखनलाल सरकार, जिनके प्रधानमंत्री मोदी ने मंच पर छूए पैर

Makhanlal Sarkar: पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए आज यानी 9 मई 2026 का दिन ऐतिहासिक रहा। पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई और सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। राजधानी कोलकता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में उस वक्त बेहद भावुक पल दिखा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर बैठे एक बुजुर्ग के पैर छूए। पीएम मोदी ने पहले उन्हें गले लगाया फिर पैर छूकर आशीर्वाद लिया और खूब सारी बातें की।

Makhanlal Sarkar: पीएम मोदी ने भरी मंच पर छूए पैर

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंचे थे। ब्रिगेड परेड ग्राउंड पहुंचने पर, उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए नामित शुभेंदु अधिकारी और BJP के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के साथ एक खुली जीप में सवार होकर वहां जमा हुए हज़ारों BJP कार्यकर्ताओं और समर्थकों का अभिवादन किया। पूरा ब्रिगेड परेड ग्राउंड केसरिया रंग में रंगा हुआ नज़र आ रहा था। समारोह में बड़ी संख्या में कलाकारों ने पारंपरिक ढोल की थाप पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। वहीं जीप में निकले जुलूस के बाद, प्रधानमंत्री मोदी मंच पर पहुंचे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अन्य केंद्रीय मंत्रियों, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कई अन्य नेताओं से मुलाकात की।

इसके बाद पीएम मोदी ने मंच पर बैठ 98 वर्षीय नेता माखनलाल सरकार को देखा और तुरंत उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। प्रधानमंत्री ने इस बुजुर्ग नेता को काफी देर तक अपने गले से लगाए रखा। पीएम मोदी ने जब मंच पर माखनलाल सरकार के पैर छूए तो वहां मोजूद सभी लोग भावुक हो गए। कई लोगों को समझ में ही नहीं आ रहा था कि भला प्रधानमंत्री किस बुजुर्ग के पैर छू रहे हैं। फिर सम्मान के प्रतीक के तौर पर माखनलाल सरकार को एक शॉल भेंट की और उनका आशीर्वाद लिया। साथ ही काफी देर तक उनसे बातें करते रहे।

Who is Makhanlal Sarkar: कौन है माखनलाल सरकार

दरअसल पीएम मोदी ने मंच पर जिस शख्स के पैच छूकर आशीर्वाद लिया वह कोई और नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल भाजपा के सबसे वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार है। 98 वर्षीय माखनलाल सरकार जनसंघ और भाजपा के शुरुआती दौर से जुड़े रहे हैं और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में उनकी बड़ी भूमिका रही है। माखनलाल सरकार आजादी के बाद के भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती ज़मीनी नेताओं में से एक हैं। 1952 में, कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ होने पर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया था।

1980 में BJP की स्थापना के बाद, उन्हें पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग ज़िलों के लिए संगठनात्मक समन्वयक नियुक्त किया गया। सिर्फ़ एक साल के भीतर ही, वे लगभग 10,000 लोगों को पार्टी में शामिल करने में सफल रहे। 1981 से उन्होंने लगातार सात वर्षों तक ज़िला अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उस समय, इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जाता था, क्योंकि भाजपा के नेता आमतौर पर किसी एक संगठनात्मक पद पर दो साल से ज़्यादा नहीं रहते थे।

Bengal CM Oath Ceremony: सुवेंदु अधिकारी बने पश्चिम बंगाल 9वें सीएम

गौरतलब है कि बंगाल में आज से नए राजनीतिक युग की शुरुआत हो गई है। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी (suvendu adhikari) ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। वह राज्य में इस सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होने वाले भजापा के पहले नेता हैं। जबकि पश्चिम बंगाल के 9वें मुख्यमंत्री। 15 वर्षों तक बंगाल में चले टीएम की ममता बनर्जी शासन के बाद अब बंगाल को आगे ले जाने की जिम्मेदारी भाजपा के कंधों पर है। सुवेंदु के साथ पांच विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। जिसमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तिनिया, खुदीराम टोटो, निशिथ घोष शामिल है।


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