Monsoon 2026: प्रचंड गर्मी से झुलस रहे उत्तर भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश तक लोग 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के तापमान में सांस लेने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दोपहर की सड़कें सूनी पड़ चुकी हैं, और रातें भी भट्टी जैसी गर्म लगती हैं, जिससे रोज़मर्रा की ज़िंदगी पूरी तरह से ठप हो गई है। चिलचिलाता गर्मी के बीच मौसम विभाग (IMD) उम्मीद की एक किरण लेकर आया है।
Monsoon 2026: मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। उम्मीद है कि अगले 3 से 4 दिनों के भीतर देश के कई हिस्सों में मौसम (Weather) करवट लेगा। हालांकि, राहत के साथ-साथ एक चेतावनी भी आई है, क्योंकि IMD ने 13 राज्यों के लिए तूफानी बारिश, गरज-चमक और 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ़्तार से चलने वाली हवाओं के संबंध में अलर्ट जारी किया है। इसके चलते, कई राज्यों में प्रशासनिक निकाय हाई-अलर्ट मोड में आ गए हैं। मौसम में इस बदलाव को केवल बारिश की शुरुआत के तौर पर नहीं, बल्कि भीषण लू की स्थितियों और मानसून-पूर्व की वायुमंडलीय गतिविधियों के बीच एक बड़े टकराव के तौर पर देखा जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में पहले ही दस्तक दे चुका है। इसका अगला मुख्य प्रवेश बिंदु 26 मई के आसपास केरल के तट पर होने की उम्मीद है। इसके बाद, भारी बारिश का एक दौर शुरू होने की संभावना है, जो दक्षिण भारत से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक फैलेगा।
Weather Update: अगले 48 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में धूल भरी आंधी, बादलों की मौजूदगी और हल्की बारिश की संभावना बढ़ गई है। IMD का अनुमान है कि मई के आखिरी सप्ताह तक मौसम के मिजाज में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। फिर भी, अगले 48 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण रहने की उम्मीद है, क्योंकि कई राज्यों में अभी लू के लिए ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) से सावधान रहें।
Weather Update: यूपी में हीटवेव बंरपा रहा कहर
उत्तर प्रदेश में लू (heatwaves) का प्रकोप गंभीर स्तर तक बढ़ गया है। बांदा, प्रयागराज, वाराणसी और जौनपुर जैसे जिलों में तापमान 47 डिग्री के करीब पहुंच गया है। IMD ने 10 जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ और 17 जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। लू और झुलसा देने वाली हवाओं के मेल ने निवासियों को बेहाल कर दिया है। हालांकि, संकेतों से पता चलता है कि पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों के भीतर आंधी और हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि मई के आखिरी सप्ताह में यूपी के कई हिस्सों को कुछ राहत मिल सकती है।
आंधी और बारिश की चेतावनी
बिहार में मौसम बिल्कुल विपरीत रूप दिखा रहा है। जहां दिन में झुलसा देने वाली गर्मी पड़ रही है, वहीं शाम को तेज़ हवाओं के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। पटना, पूर्णिया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में हवाएं 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलने की उम्मीद है। IMD ने अगले दो दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। विभिन्न इलाकों के लिए बिजली गिरने और आंधी-तूफान के संबंध में भी चेतावनी जारी की गई है। इस बीच, दक्षिणी बिहार के कुछ हिस्सों में लू का असर जारी रहने की उम्मीद है। इसी तरह, राजस्थान के कई क्षेत्रों में गर्म हवाओं का प्रकोप जारी है; गंगानगर में तापमान पहले ही 46.5 डिग्री तक पहुंच गया है।
दिल्ली में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी
दिल्ली-NCR अभी भी गंभीर लू के प्रकोप से जूझ रहा है। राजधानी का अधिकतम तापमान 45 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जबकि रात का तापमान भी 31 डिग्री पर ऊंचा बना हुआ है। IMD ने अगले तीन दिनों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। हालांकि, 23 मई की रात से मौसम की स्थिति में बदलाव की उम्मीद है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में धूल भरी आंधी, बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। इस बदलाव के कारण तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। इस बीच, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) भी बिगड़कर ‘खराब’ श्रेणी में पहुँच गया है।
गर्मी-बारिश के बीच फंसा पूरा देश
देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम ने दो बिल्कुल अलग-अलग तस्वीरें पेश की हैं। उत्तरी भारत में लू और झुलसा देने वाली हवाएं चल रही हैं, वहीं दक्षिणी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का खतरा बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह एक बदलाव का दौर है—एक ऐसा चरण जिसमें मानसून आगे बढ़ता है और लू धीरे-धीरे कम होने लगती है।
IMD (भारतीय मौसम विज्ञान विभाग) के अनुसार, अगले कुछ दिनों में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में नमी का स्तर बढ़ने की उम्मीद है। इसका असर सबसे पहले दक्षिणी भारत में महसूस होगा, जिसके बाद पूर्वी और उत्तरी भारत में इसका प्रभाव दिखेगा। मौसम विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि जहां लोगों को गर्मी से निश्चित रूप से राहत मिलेगी, वहीं कई इलाकों में तेज़ हवाओं और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। विशेष रूप से किसानों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
Monsoon 2026: कब दस्तक देगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के 23-24 मई के आसपास अंडमान तट पर पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, मानसून के 26 मई को केरल पहुंचने की संभावना है। उत्तरी भारत में, मानसून (Monsoon) के 22 जून के आसपास पहुंचने का अनुमान है। अच्छी खबर यह है कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य समय से काफी पहले आगे बढ़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, मानसून अपने सामान्य समय से लगभग एक हफ्ता पहले केरल पहुंच सकता है।
यदि मौसम की स्थितियां अनुकूल रहीं, तो मानसून 22 जून के आसपास उत्तरी भारत पहुंच सकता है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून की मौजूदा गति बनी रही, तो उत्तरी भारत जिसमें पंजाब और हरियाणा भी शामिल हैं को जून के तीसरे सप्ताह तक राहत मिल सकती है। इस समय, सभी की निगाहें मानसून (Monsoon) की प्रगति पर टिकी हुई हैं।
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