Twisha Sharma death case: ट्विशा शर्मा की मौत केस की निष्पक्ष जांच की मांग , पिता ने कही डाली ये बात

Twisha Sharma death case: ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पीड़िता के पिता नव निधि शर्मा ने मंगलवार को आरोप लगाया कि इस मामले में आरोपी पक्ष का परिवार प्रभावशाली है और वह जांच प्रक्रिया और सिस्टम पर दबाव बनाने में सक्षम है।

दूसरे पोस्टमार्टम की जा रही मांग

नव निधि शर्मा ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले ही अधिकारियों को इस बात की आशंका जताई थी कि आरोपी पक्ष, सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह का परिवार प्रभावशाली है और वे जांच को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने मांग की है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार के बाहरी दबाव को रोका जाए।

मामले में सामने आया है कि ट्विशा शर्मा के अवशेष अभी एम्स भोपाल में सुरक्षित रखे गए हैं, क्योंकि परिवार कानूनी कार्रवाई और दूसरे पोस्टमॉर्टम की मांग कर रहा है। परिवार का कहना है कि वे एम्स नई दिल्ली में पुनः पोस्टमॉर्टम कराना चाहते हैं ताकि मौत के कारणों की स्पष्टता हो सके।

पति की जमानत याचिका खारिज

पुलिस ने इस मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। समर्थ सिंह, जो पेशे से वकील बताए जाते हैं, घटना के बाद से फरार हैं। वहीं गिरिबाला सिंह को भोपाल जिला अदालत से अंतरिम जमानत मिल चुकी है, जबकि समर्थ सिंह की जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है।

इस बीच भोपाल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो पूरी घटना की परिस्थितियों की जांच कर रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं साक्ष्य, डिजिटल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। ट्विशा शर्मा ने दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से विवाह किया था। शादी के कुछ महीनों बाद ही 12 मई को उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद मामला गंभीर रूप से विवादों में आ गया।

द्विशा के परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया है कि ट्विशा को दहेज की मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इसके अलावा गर्भपात के लिए दबाव बनाए जाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। परिवार का कहना है कि यह केवल आत्महत्या का मामला नहीं बल्कि लगातार उत्पीड़न का परिणाम है।

अदालती रिकॉर्ड में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी पति ने अजन्मे बच्चे के पितृत्व पर सवाल उठाए थे और कथित तौर पर मारपीट के आरोप भी सामने आए हैं। ये सभी दावे मामले को और अधिक जटिल बना रहे हैं और जांच की दिशा को प्रभावित कर रहे हैं।

अभियोजन पक्ष ने उन व्हाट्सएप संदेशों का भी हवाला दिया है, जो कथित तौर पर ट्विशा ने अपनी मौत से कुछ दिन पहले अपनी मां को भेजे थे। 9 मई के एक संदेश में उन्होंने लिखा था कि उन्हें वहां से ले जाया जाए, जबकि अन्य संदेशों में उन्होंने अपनी स्थिति को “मानसिक रूप से बेहद कठिन” बताया था।

परिवार का कहना है कि इन संदेशों को संदर्भ के साथ देखा जाना चाहिए और इन्हें अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं माना जा सकता। उनका आरोप है कि लगातार तनाव और घरेलू विवादों ने ट्विशा को गंभीर मानसिक स्थिति में पहुंचा दिया था।

हर एक पहलू पर की जा रही जांच

दूसरी ओर आरोपी पक्ष के वकीलों का दावा है कि घटनाक्रम की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों का विश्लेषण जरूरी है।

फिलहाल मामला SIT जांच के अधीन है और पुलिस ने सभी संबंधित डिजिटल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों को भी जांच के दायरे में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारणों पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकेगा। परिवार लगातार निष्पक्ष जांच और उच्च स्तरीय निगरानी की मांग कर रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित तरीके से आगे बढ़ रही है।


ये भी पढ़ेंः-Viral Girl Monalisa: खूबसूरती’ बनी मुसीबत ! महाकुंभ छोड़ने को मजबूर हुई मोनालिसा

ये भी पढ़ें:-प्रेमी ने प्रेग्नेंट कर छोड़ा, मां-बाप ने घर से निकाला, मसीहा बने दारोगा ने खुशियों से भर दी झोली

(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं…)

Anticipatory Bail CaseBhopal Dowry DeathChilling WhatsApp ChatsDomestic Violence IndiaGiribala SinghKatara Hills CaseSamarth SinghSIT Investigation BhopalTwisha Sharma Case