Iran-US Peace Talks : ईरान-अमेरिका की शांतिवार्ता पर दुनियाभर की नजरें, जानें किन मुद्दों पर अड़ी हैं दोनों ताकतें

Iran-US Peace Talks: अमेरिका और ईरान के बीच शांतिवार्ता आज इस्लामाबाद में होने वाली है। शांतिवार्ता के लिए ईरान और अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच चुका है। ईरान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर कालिबफ कर रहे हैं जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम की उम्मीद के साथ दुनिया भर की नजरें इस वार्ता पर टिकी हैं।

Iran-US Peace Talks: इन मुद्दों पर उड़ी दोनों ताकतें

  1. लेबनान में हिज्बुल्लाह पर इजराइल के हमलों में मार्च से अब तक करीब 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है. अमेरिका और इजराइल कहते हैं कि यह कार्रवाई अलग है, लेकिन ईरान इसे उसी संघर्ष का हिस्सा मानता है.
  2. ईरान चाहता है कि अमेरिका उसके फंसे हुए पैसे रिलीज करे, क्योंकि प्रतिबंधों की वजह से उसकी अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान हुआ है. वहीं अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह कुछ राहत दे सकता है, लेकिन इसके बदले ईरान को अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों में कमी करनी होगी. कई रिपोर्ट में दावा किया जा रहा था कि अमेरिका कतर और बाकी देशों में जब्त ईरान की संपत्ति रिलीज करने को तैयार हो गया है. हालांकि व्हाइट हाउस ने इससे इनकार कर दिया है.
  3. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी इस बातचीत का अहम मुद्दा है. ईरान इस समुद्री रास्ते पर अपना नियंत्रण चाहता है और यहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क (टोल) लेना चाहता है. दूसरी तरफ, अमेरिका चाहता है कि तेल टैंकर और बाकी जहाज बिना किसी रोक-टोक के यहां से गुजरें.
  4. ईरान इस छह हफ्ते की जंग में हुए नुकसान का मुआवजा भी मांग सकता है, हालांकि इस पर अमेरिका ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
  5. ईरान यूरेनियम संवर्धन जारी रखना चाहता है. हालांकि अमेरिका इससे इनकार कर चुका है. ट्रंप भी कह चुके हैं कि इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा.

US-Iran War Ceasefire : ईरान बोला अमेरिका पर भरोसा नहीं

इस्लामाबाद पहुंचने के बाद मीडिया से बात करते हुए, ईरान के मोहम्मद बाकिर कालिबफ ने कहा कि ईरान शांतिवार्ता के लिए अच्छा है, लेकिन उसे US पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका “असली समझौते” का ऑफ़र देता है और ईरान को उसके अधिकार देता है, तो ईरान समझौता करने को तैयार है। वहीं ईरान की मांगों पर अमेरिका की तरफ़ से कोई जवाब नहीं आया है।

हालांकि, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि किसी भी समझौते के लिए ईरान को अपने परमाणु हथियारों के सपने को छोड़ना होंगा। इससे पहले, अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल को लीड करने वाले जे.डी. वैन्स ने पाकिस्तान से निकलते समय कहा था कि उन्हें पॉज़िटिव नतीजे की उम्मीद है, लेकिन अगर ईरान ने US के साथ कोई चाल चलने की कोशिश की, तो उन्हें एहसास होगा कि हमारी बातचीत करने वाली टीम इतनी नरम नहीं है।

ट्रंप की ईरान को दी धमकी

बातचीत से कुछ घंटे पहले, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी। ट्रंप ने दावा किया कि “ईरान के पास कोई ऑप्शन नहीं है और वह सिर्फ बातचीत करने के लिए ज़िंदा है।” उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने को लेकर भी एक बड़ा बयान दिया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, “ट्रुथ सोशल” पर एक पोस्ट शेयर किया। इसमें उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर कंट्रोल करके दुनिया को जबरन वसूली का शिकार बना रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘ईरानियों को शायद ये अहसास नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल करके दुनिया को डराने के अलावा उनके पास कोई और रास्ता नहीं बचा है। वो आज अगर जिंदा हैं, तो सिर्फ बातचीत करने के लिए।’

शांति की दिशा में आगे बढ़ने का मौका-शहबाज शरीफ

दूसरी ओर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक टेलीविज़न भाषण में कहा कि बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए US और ईरान दोनों की लीडरशिप शनिवार को इस्लामाबाद में मौजूद रहेगी। उन्होंने इसे शांति की ओर आगे बढ़ने का एक अहम मौका बताया। उन्होंने इस प्रोसेस को “मुश्किल दौर” में जाने वाला बताया और चेतावनी दी कि यह “करो या मरो वाली स्थिति” है क्योंकि कोशिशें अब एक टेम्पररी रुकावट से ज़्यादा पक्के समाधान की ओर बढ़ रही हैं।

US-Iran War Ceasefire : ईरान को हथियार देगा चीन-सूत्र

इस्लामाबाद में शांति बातचीत से पहले, CNN ने US इंटेलिजेंस सोर्स का हवाला देते हुए बताया कि चीन अगले कुछ हफ़्तों में ईरान को नए एयर डिफ़ेंस सिस्टम सप्लाई करने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट में बताया गया कि चीन इस जहाज को अन्य देशों की नजर से बचाने के लिए किसी तीसरे देश के जरिए ईरान भेज सकता है। इस बारे में वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने रॉयटर्स के सवालों का जवाब नहीं दिया।

इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

गौरतलब है कि करीब छह हफ़्ते से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए ईरान और US के बड़े अधिकारियों के बीच बातचीत से पहले पाकिस्तानी सिक्योरिटी फोर्स ने सड़कें सील कर दीं। पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस्लामाबाद के लोगों से घर के अंदर रहने की अपील की, जिससे शहर में कर्फ्यू जैसी स्थिति बन गई है। इस्लामाबाद के “रेड ज़ोन” की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। पार्लियामेंट, बड़ी सरकारी इमारतें, लग्ज़री होटल, एम्बेसी और विदेशी संगठनों के ऑफिस इसी रेड ज़ोन में हैं।


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