INS Taragiri: भारत ने अपनी समुद्री ताकत को और मज़बूत किया है। एक ओर, जहां भारत ने दुश्मन पर गुप्त हमले करने में सक्षम परमाणु पनडुब्बी INS अरिदमन को उतारा, तो दूसरी ओर, समुद्र की सतह पर विरोधियों को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किए गए आधुनिक युद्धपोत INS तारागिरी को नौसेना में शामिल किया हैं। यह “डबल धमाका” केवल एक सैन्य उपलब्धि ही नहीं, बल्कि भारत की विकसित होती रणनीतिक सोच का भी एक संकेत है।
INS Taragiri: मिडिल ईस्ट जंग के बीच भारत ने अपनी समुद्री ताकत में बड़ा इजाफा किया है। भारतीय नौसेना में शुक्रवार को दो प्रमुख ताकतें INS तारागिरी और परमाणु पनडुब्बी INS अरिदमन शामिल हो गई हैं। जहां एक पनडुब्बी समुद्र की गहराइयों में छिपकर दुश्मन को तबाह करने की क्षमता रखती है, वहीं दूसरी तेज़ गति और आधुनिक हथियारों से लैस सतह पर किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार खड़ी है। इन दोनों की तैनाती से भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ गई है। और अब दुश्मनों के लिए हर दिशा से खतरा तय माना जा रहा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय उथल-पुथल के बीच एक स्पष्ट संदेश दिया है कि वह न केवल स्थिति पर नज़र रख रहा है, बल्कि अपनी सुरक्षा और रणनीतिक क्षमताओं को भी लगातार मजबूत कर रहा है।
इस युद्धपोत को विशाखापत्तनम में 3 अप्रैल की दोपहर औपचारिक रुप से नौसेना में शामिल किया गया। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहे। इस दौरान रक्षा मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए, एक मज़बूत और सक्षम नौसेना भारत के लिए महज़ एक विकल्प नहीं, बल्कि एक परम आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि हम एक डिजिटल युग में जी रहे हैं, और भारतीय नौसेना लगातार हमारी सुरक्षा को मज़बूत कर रही है। राजनाथ सिंह ने घोषणा की कि अत्याधुनिक युद्धपोत ‘तारागिरी’ को आज भारतीय नौसेना में शामिल किया जा रहा है। इसे भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति का प्रतीक बताते हुए, उन्होंने देश के नागरिकों, मज़गाँव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और भारतीय नौसेना को बधाई दी।
INS तारागिरी की क्या है खासियत
INS तारागिरी की खासियत कि यह प्रोजेक्ट 17A के तहत स्वदेशी रूप से बनाया गया एक स्टेल्थ फ्रिगेट है। इसका मतलब है कि दुश्मन के रडार इसे आसानी से पकड़ नहीं पाते। इसे मुंबई में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) में बनाया गया है। इसके 75 प्रतिशत से ज़्यादा पुर्जे भारत में ही बनाए गए हैं। इसका वज़न लगभग 6,670 टन है और इसकी लंबाई 149 मीटर है। यह 52 km/hr की रफ़्तार तक पहुंचने में सक्षम है। लंबी दूरी की यात्राओं के लिए, इसकी ऑपरेशनल रेंज 10,186 किलोमीटर तक है।
इसमें दो डीजल इंजन और दो गैस टर्बाइन लगे हैं, जो इसे तेज रफ़्तार और लंबे समय तक चलने की ताक़त देते हैं। इसका डिज़ाइन बहुत ही आकर्षक है और इसमें आधुनिक स्टेल्थ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। रडार, इंफ्रारेड और आवाज़ के संकेतों को कम करने के लिए खास तरह के मटीरियल का इस्तेमाल किया गया है, ताकि दुश्मन इसे पकड़ न पाए। इस युद्धपोत पर 225 नाविकों का क्रू तैनात रहता है।
आधुनिक हथियारों से लैस
INS तारागिरी दुनिया के कुछ सबसे आधुनिक हथियारों से लैस है। इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें लगी हैं, जो लंबी दूरी से दुश्मन के जहाज़ों को तबाह करने में सक्षम हैं। इसमें मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी लगी हैं। इसके अलावा, इसमें दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें बेअसर करने के लिए खास तरह के एंटी-सबमरीन सिस्टम भी मौजूद हैं।
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