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दोनो हाथ ना होने के बावजूद अपने हौसलो को उड़ान दे रही खुशबू 

खास चेहरा
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प्रतापगढ़ -- यदि दिल में अरमान हो और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो बिना पैर के भी पहाड़ चढ़ा जा सकता है।इसी कहावत को चरितार्थ कर रही है प्रतापगढ़ जिले की खुशबू जो दोनो हाथो से विकलंग है।

प्रतापगढ़ -- यदि दिल में अरमान हो और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो बिना पैर के भी पहाड़ चढ़ा जा सकता है।इसी कहावत को चरितार्थ कर रही है प्रतापगढ़ जिले की खुशबू जो दोनो हाथो से विकलंग है।

दरअसल स्थानीय पीजी कॉलेज में बीए की पढ़ाई करने जब खुशबू आई तो पहले विद्यालय प्रशासन को यह समझ में ही नहीं आया कि इसका प्रवेश कर ले तो यह परीक्षा कैसे देगी। पर जब उसने हाईस्कूल और इंटर की बोर्ड की परीक्षा उत्तीर्ण करने का प्रमाण पत्र दिया तो विद्यालय प्रबंधन ने इस बात के लिए उसका लिखने का टेस्ट भी लिया कि यह बीए जैसी पढ़ाई को पूरा कर भी पाएगी या नहीं, पर उसने विद्यालय में जब अपना हुनर दिखाया। कुल छह भाई-बहनों में खुशबू अपने पिता की पहली सन्तान है।

दरअसल गरीब पिता श्यामलाल मजदूरी करके अपने छह बच्चों का पालन पोषण कर रहा है। उसके सभी बच्चे किसी न किसी क्लास में पढ़ाई कर रहे हैं। फिलहाल खुशबू यह कहावत पूरी तरह से चरितार्थ कर रही है कि यदि दिल में अरमान हो और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो बिना पैर के भी पहाड़ चढ़ा जा सकता है। खुशबू बीएड करके शिक्षक बनना चाहती है।

(रिपोर्ट-मनोज त्रिपाठी,प्रतापगढ़)

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