MP: छिंदवाड़ा में 11 मासूमों की मौत के बाद एक्शन, बच्चों को ‘जहरीला’ कफ सिरप लिखने वाला डॉक्टर अरेस्ट

169

MP Chhindwara Child Death Case : मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में खांसी का इलाज करने वाला एक कफ सिरप बच्चों की मौत का कारण बन गया है। छिंदवाड़ा में 11 बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर डॉ. प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले शनिवार को परासिया थाने में डॉ. प्रवीण सोनी और कोल्ड्रिफ सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। साथ ही कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध (Coldrif Syrup Ban MP) लगा दिया गया है।

डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज

दरअसल परासिया सीएचसी के बीएमओ अंकित सहलम ने डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। डॉ. प्रवीण सोनी ने छिंदवाड़ा में मरने वाले ज़्यादातर बच्चों को यह कफ सिरप लिखा था। जिस सिरप से ये मौतें हुईं, उसकी जांच रिपोर्ट शनिवार देर रात जारी की गई। रिपोर्ट में पाया गया कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप में 48.6% डायएथिलीन ग्लाइकॉल था, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।

दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

उधर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रतिबंध को लेकर सख्त चेतावनी जारी की थी। इससे पहले, तमिलनाडु सरकार ने कोल्ड्रिफ सिरप पर तत्काल प्रभाव से बैन कर दिया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव (CM Mohan Yadav) ने शनिवार को सोशल मीडिया पर कहा कि छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ सिरप से बच्चों की मौत बेहद दुखद है। पूरे मध्य प्रदेश में इस सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध (Coldrif Syrup Ban MP) लगा दिया गया है। सिरप बनाने वाली कंपनी के अन्य उत्पादों की बिक्री पर भी बैन कर दिया है।

Related News
1 of 1,155

उन्होंने बताया कि सिरप की फैक्ट्री कांचीपुरम में स्थित है, इसलिए घटना की जानकारी मिलने के बाद राज्य सरकार ने तमिलनाडु सरकार से जांच के लिए कहा। जांच रिपोर्ट आज सुबह प्राप्त हुई। रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की गई है। बच्चों की दुखद मौतों के बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई चल रही थी। मामले की जाँच के लिए राज्य स्तर पर भी एक टीम गठित की गई है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

Coldrif Syrup Ban: 11 बच्चों की गई जान

गौरतलब है कि पिछले 20 दिनों में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया ब्लॉक में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से किडनी फेल होने से नौ बच्चों की मौत हो गई है। इनमें से ज़्यादातर बच्चों की मौत नागपुर के निजी अस्पतालों में हुई। कई बच्चे अभी भी अस्पताल में अपनी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। जिस कफ सिरप को छिंदवाड़ा जिले में नौ बच्चों की मौत का कारण बताया जा रहा है, उसमें जहरीले रसायनों की मिलावट पाई गई है। तमिलनाडु सरकार ने भी शुक्रवार को इसकी पुष्टि की।

ये भी पढ़ेंः-Viral Girl Monalisa: खूबसूरती’ बनी मुसीबत ! महाकुंभ छोड़ने को मजबूर हुई मोनालिसा

ये भी पढ़ें:-प्रेमी ने प्रेग्नेंट कर छोड़ा, मां-बाप ने घर से निकाला, मसीहा बने दारोगा ने खुशियों से भर दी झोली

(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं…)

Comments
Loading...