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द्रोपदी से अब महाकाली बनेंगी महिलाएं...

आधी आबादी
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मेरठ -- सूबे में योगी सरकार बनते ही सबसे पहले महिला सुरक्षा की बात की गई थी और महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड का गठन भी किया गया था जिसके बाद कुछ दिन तक महिलाएं अपने आपको

मेरठ -- सूबे में योगी सरकार बनते ही सबसे पहले महिला सुरक्षा की बात की गई थी और महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड का गठन भी किया गया था जिसके बाद कुछ दिन तक महिलाएं अपने आपको

काफी सुरक्षित महसूस करती रही लेकिन समय के साथ साथ एंटी रोमियो स्क्वायड भी सड़कों से गायब हो गया । अब एंटी रोमियो स्क्वायड रह गया तो कागजों में या फिर फोटो में, क्योंकि अब जिस तरीके से महिलाओं के प्रति अपराध पर लगाम लगी थी अब उतनी ही तेजी से मेरठ में महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और महिलाओं के प्रति अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है जिसको लेकर आज मेरठ के चौधरी चरण सिंह पार्क में महिलाओं ने एक प्रदर्शन भी किया और नारा दिया कि "लाडो अब और चीरहरण नहीं।"

 बेटियों की सुरक्षा को लेकर 'लेट मी स्पीक' की संयोजिका डॉ नीरा तोमर और सचिव अतुल शर्मा के साथ - साथ तमाम तबके की महिलाएं जिनमे अधिवक्ता, शिक्षिका, समाजसेविका, गृहणी भी शामिल थीं । जिन्होंने "आंचल सुरक्षा कैंपेन" नाम से एक मुहिम की शुरुआत चौधरी चरण सिंह पार्क से की। सभी उपस्थित महिलाओ के द्वारा शपथ ली गई "हमारी लाडो बेटियों का चीरहरण नही होने देंगे"। इसके लिए समाज मे सकारात्मक सोच का संचार करने के लिए सभी को आगे आना पड़ेगा | 

बेटियों ने पुरूषों के माथे पर तिलक लगाकर की मुहिम की शुरुआत 

कार्यक्रम मे उपस्थित पुरुष साथियों ने परंपरा बदलते हुए सभी महिलाओं बेटियों को रक्षा सूत्र बांधकर सुरक्षा का भरोसा दिया और महिलाओं व बेटियों ने पुरूषों के माथे पर तिलक लगाकर मुहिम को सफल बनाने का वादा किया। सभी उपस्थित साथियों ने जिले के सभी स्कूल कॉलेज में शिकायत पेटिका लगाने का निर्णय लिया जिसमे बच्चियां अपनी शिकायतपत्र डालकर मदद मांग सकती हैं। साथ ही साथ प्रतिदिन पेटिका खोल कर देखने व शिकायत पाए जाने पर काउंसिलिंग से लेकर निस्तारण की ज़िम्मेदारी भी उठाई जाएगी। इस व्यवस्था में पुलिस, प्रशासन से मदद भी ली जाएगी। इसके अतिरिक्त शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाएंगी।

तब जगी थी महिलाओं की उम्मीदे 

इन महिलाओं का गुस्सा सरकार पर और कानून व्यवस्था पर किस तरह फूट पड़ा ये आप खुद ही देख लीजिए। महिलाओं का कहना है कि जब सरकार बनी थी तब महिलाओं को उम्मीद जागी थी कि अब महिलाओं पर हो रहे अत्याचार थम जाएंगे लेकिन उनकी इस उम्मीद पर सरकार कुछ दिन तो खरी उतरी, लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे फिर निराशा मिलने लगी क्योंकि लगातार मेरठ में महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं चाहे वह रेप का मामला हो, चाहे छेड़छाड़ का मामला हो, चाहे गैंगरेप का मामला हो या फिर हाल ही में छोटी बच्चों के साथ हुआ यौन शोषण का मामला हो । 

सभी में सरकार के वादे और दावे पिछड़ते दिखाई दे रहे हैं क्योंकि मेरठ पुलिस महिलाओं को सुरक्षा देने में बौनी साबित हो रही है। महिलाओं का यह भी कहना है कि अब वो लाडो का और चीर हरण नहीं होने देंगे , द्रोपदी से महाकाली का रूप धारण करके ऐसे हैवानों का नरसंहार करेगी जो महिलाओं पर गलत नजर रखते हैं। वहीं उन्होंने गुस्से में आकर यह तक कह दिया कि "लाडो को जो छेड़ेगा वो दुनिया को छोड़ेगा"। 

(रिपोर्ट- प्रदीप शर्मा, मेरठ)

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