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गरीबी पर भारी पड़ रहा छात्र का हौंसला,विद्यालय के सामने सब्जी बेचकर करता हैं पढ़ाई 

खास चेहरा
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बाराबंकी -- बच्चों को पढ़ाने के लिए न जाने मा बाप क्या -क्या नहीं करते की उनके बच्चे पढ़ लिखकर आगे उनका नाम रोशन करे ,लेकिन उनमें से बहुत ही कम ऐसे भी बच्चे होते है जो अपने माँ बाप के लिए क्या क्या नहीं करते।

बाराबंकी -- बच्चों को पढ़ाने के लिए न जाने मा बाप क्या -क्या नहीं करते की उनके बच्चे पढ़ लिखकर आगे उनका नाम रोशन करे ,लेकिन उनमें से बहुत ही कम ऐसे भी बच्चे होते है जो अपने माँ बाप के लिए क्या क्या नहीं करते।

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में ऐसा ही एक होनहार छात्र अपने गरीब और लाचार माता पिता के सपनों को साकार करने में लगा हुआ।जो शायद ही कही ऐसा देखने को मिलता हो गरीब परिवार से प्राइमरी और मिडिल पढ़ाई करने के बाद जब उच्च शिक्षा के लिए  गांव से शहर की तरफ पढ़ाई करने पहुँचा तो कालेज की फीस और रहने के लिए किराये का कमरा उसे ग़रीबी पर भारी दिखाई दिया तो उसने उसका हल निकाल लिया।

मामला बाराबंकी के जवाहर लाल नेहरू महाविद्यालय का हैं। जहां उर्दू से स्नातक की पढ़ाई कर रहे कामता प्रसाद समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित हास्टल में रहने के दौरान न सिर्फ पढ़ाई लिखाई करता हैं। बल्कि हास्टल से ही वो सुबह सुबह सब्जी मंडी से सब्जियों को खरीद लेता हैं और महाविद्यालय के सामने लगने वाली सब्जी बाजार में वो सब्जी की दुकान लगाकर सब्जी भी बेचता हैं।

सब्जियों से न सिर्फ वो अपनी पढ़ाई लिखाई का खर्चा चलाता हैं बल्कि वो परिवार में अपने गरीब मा बाप और भाई बहनों की भी मदद करता हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य आरएस यादव ने कहा ऐसे होनहार छात्रों के लिए महाविद्यालय सदैव उनकी मदद में खड़ा है ।

उन्होंने कहा कालेज के हॉस्टल में रहकर ट्यूशन पढ़ाने के साथ समय निकाल कर महाविद्यालय के सामने सब्जी बाजार में सब्जी बेचना ये होनहार छात्र के लिए उनके भविष्य में काफी मदद करेगा उन्होंने कहा वो ये सब करके कहि न कही दूसरों के लिए उदाहरण भी दे रहा हैं जो पढ़ाई लिखाई में भी काफी तेज है।

(रिपोर्ट - सतीश कश्यप, बाराबंकी)

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