फ्लैट खरीदार सामान लेकर सोसायटी पहुंचे तो बिल्डर मिला गायब, हंगामा

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नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बिल्डरों की झांसेबाजी खत्म नहीं हो रही है। अब गुरुवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। बिल्डर ने फ्लैट खरीदारों को कब्जा देने और अपने घरों में शिफ्ट होने के लिए बुला लिया।

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जब लोग सामान लेकर सोसाइटी में पहुंचे तो बिल्डर गायब मिला। फ्लैट अधूरे पड़े हैं। बिजली और पानी का कोई इंतजाम नहीं है। इतना ही नहीं खरीदारों को जानकारी मिली है कि अभी तक विकास प्राधिकरण की ओर से कब्जा पत्र भी बिल्डर को नहीं मिला है। इसके बाद खरीदारों ने बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया है।

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यह मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट में ग्रीन आर्क हाउसिंग सोसायटी से जुड़ा है। इस हाउसिंग सोसाइटी के दो टावर एच और आई में करीब 150 फ्लैट खरीदार फंसे हुए हैं। बिल्डर ने इन फ्लैट खरीदारों से वादा किया था कि 30 जुलाई 2020 को घरों पर कब्जा देगा। वह लोग अपना सामान लेकर आएं और अपने फ्लैट में शिफ्ट हो जाएं। बिल्डर के वादे के मुताबिक गुरुवार को बड़ी संख्या में फ्लैट खरीददार अपना सामान लेकर सोसाइटी में पहुंच गए। अब गुरुवार को बिल्डर ने बायर्स को घर देने से इंकार कर दिया। बताया कि विकास प्राधिकरण से कागजी कार्रवाई अब तक पूरी नहीं हो पाई है। जिसके चलते फ्लैट खरीदार बुरी तरह फस गए हैं। उनका कहना है कि अब उनके सामने क्या विकल्प बचा है? वह लोग किराए का मकान खाली कर चुके हैं और यहां सोसाइटी में अपना घर मिल नहीं रहा है।

इन फ्लैट खरीदारों में शामिल केपी सिंह ने बताया कि बिल्डर ने हम लोगों से 30 जुलाई को घर पर कब्जा देने का वादा किया था। किराए पर रह रहे फ्लैट खरीददार गुरुवार को अपने घरों में शिफ्ट होने के लिए सोसाइटी में सामान लेकर पहुंच गए। यहां हमारे फ्लैट अधूरे पड़े हैं। टॉवर में बिजली नहीं है। पानी नहीं आ रहा है। दरअसल, बिल्डर पर 1.82 करोड़ रुपए ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के बकाया हैं। यह पैसा प्राधिकरण को जमा करने के बाद उसे कब्जा प्रमाण पत्र मिलेगा। बिल्डर कब्जा प्रमाण पत्र हासिल करने के बाद ही खरीदारों को उनके घर दे सकता है। अब बिल्डर को तलाश कर रहे हैं और उसका कोई पता ठिकाना नहीं है।

एच टावर के निवासी वैभव का कहना है कि हम लोगों ने करीब 2 साल पहले इस हाउसिंग सोसायटी में फ्लैट बुक किए थे। हम लोग पूरा पैसा बिल्डर को चुका चुके हैं। वह कई महीनों से विकास प्राधिकरण का अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने की बात कह रहा है। हम लोग परेशान हैं। लगातार बैंक को ईएमआई दे रहे हैं। साथ-साथ घरों का किराया भी देना पड़ रहा है। बिल्डर ने 30 जुलाई को कब्जा देने का वादा किया था। हम लोगों ने किराए के मकान मालिकों को आगे का भुगतान नहीं किया है। वहां से घर खाली करने के लिए बोल दिया गया है। यहां आज पहुंचे हैं तो बिल्डर नदारद है। उसका स्टाफ घर देने से इंकार कर रहा है।

इन हालातों के चलते फ्लैट खरीदारों और उनके परिवारों ने बिल्डर के खिलाफ हंगामा किया। फ्लैट खरीदारों का कहना है कि वह लोग सोसाइटी में ही डटे हुए हैं। जब तक बिल्डर आकर उन्हें वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं करवाएगा, वह यहां से जाने वाले नहीं हैं। दूसरी ओर इस पूरे प्रकरण के बारे में बिल्डर से बात करने की कोशिश की गई है। बिल्डर और उसके स्टाफ से जुड़े फोन नंबर उठ नहीं रहे हैं।

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