सोनभद्र में खनन माफिया व ग्रामीणों में संघर्ष,15 नामजद व 50 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज

सोनभद्र– सपा और बसपा के शासन काल में खनन के घोटाले को लेकर सीबीआई का दुरुपयोग का आरोप झेल रही योगी सरकार की कानून व्यवस्था का खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं. सोनभद्र अवैध खनन की राजधानी बन चुकी है. कोन थाना इलाके के बरहमोरी बालू साइड पर रोजगार को लेकर आज खनन माफियाओं और ग्रामीणों में जमकर संघर्ष हुआ.

ग्रामीणों ने बताया कि खेत से होकर बालू की गाड़ियां गुजरती हैं. इसी बीच बालू खनन कर्ताओं के कर्मियों और ग्रामीणों में वाद-विवाद होने लगा. भदोही के भाजपा सांसद वीरेन्द्र सिंह के लड़के प्रताप सिंह ने ग्रामीणों को गोली मारने की धमकी दी. इससे ग्रामीण उत्तेजित हो गए और मोर्चा खोल दिया. इसी बीच एक स्थानीय ग्रामीण विजय को पैर में गोली मार दी गई. 

खनन कर्ताओं की धमकी के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार खुद गाड़ियों में आग लगा रहे हैं और गोली मारने की धमकी भी दे रहे हैं. भाजपा के नेता का कहना है कि जिले में अवैध खनन की शिकायत मिलने के बावजूद भी जिला प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है. जिला प्रशासन अधिकारियों का सिंडिकेट बनाकर काम करा रही है. 

बरहमोरी बालू साइड पर हुए 9 जनवरी के बवाल मामले में 15 नामजद और 50 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज हुआ है. कम्पनी के प्रबन्धक ने  ग्रामीणों पर ही गोली चलाने का आरोप लगाया है.खबर कवरेज करने गए पोर्टल के एक पत्रकार पर भी मुकदमा दर्ज  हुआ है. इन सभी पर आईपीसी की धारा 307, 384, 395, 427,435, 536 व आपराधिक कानून अधिनियम की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है. 

(रिपोर्ट- रवि देव पांडेय, सोनभद्र ) 

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