फर्रुखाबाद -जिले में बिजली चोरी रुकने का नाम नही ले रही है। जिसके चलते आये दिन बिजली कर्मचारियों की पिटाई का मामला सामने आया करता है। पिछले महीने राहुल बाबू के साथ लिंजीगंज में व्यापारी के घर की केबल काटने पर उनके साथ कर्मचारियों की पिटाई कर दी गई थी। उसके बाद कई दिनों तक सभी बिजली कर्मचारी व अधिकारी धरना देते रहे थे।
बाद में उन लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिया गया था। फिर भी चेकिंग के दौरान बिजली कर्मचारी पीटे जा रहे है। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के मोहल्ला सखावत हुसैन निवासी मतीन खां व जलील खां घरेलू कनेक्शन पर जरदोजी कारखाने चला रहे थे। दोनों कनेक्शनों पर स्वीकृत से अधिक लोड, ऊपर से अतिरिक्त केबिल डालकर बिजली चोरी भी पकड़ी गई। विवाद के बीच टीम से गालीगलौज व धक्कामुक्की करने के मामले में भी अपर अभियंता ने मुकदमे दर्ज कराया है।
जसमई बिजलीघर के अपर अभियंता रंजीत मौर्य ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि वह शासन व वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चेकिंग अभियान में मोहल्ला सखावत हुसैन गए थे। इस दौरान मतीन खां, उनके भाई-भतीजे व मोहल्ले के 10-12 अज्ञात लोगों द्वारा टीम से अभद्रता की गई। सरकारी कार्य में बाधा, गालीगलौज व धक्कामुक्की कर पूरी टीम को मारने की नियत से दौड़ाया गया। साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।
इस दौरान थाना पुलिस भी मौजूद थी। पुलिस की सक्रियता से वह लोग बच गए। अपर अभियंता व टीम की ओर से दर्ज कराए गए दूसरे मुकदमे में कहा गया कि मतीन खां अतिरिक्त केबिल डालकर, जबकि जलील खां मीटर से पहले केबिल काटकर बिजली चोरी करते पाए गए। एसडीओ से विवाद होने के बाद माहौल बिगड़ गया। मोहल्ले वासियों के उग्र होते ही एटीएस के जवान सबसे पहले मौके से भाग निकले।
यह देखते ही उनके पीछे विद्युत अधिकारी व कर्मचारी भी जान बचाकर वहां से भाग निकले। बताया जा रहा है कि एटीएस (एशिया टॉप सेक्युरिटी) पर विभाग केवल सुरक्षा के लिए प्रति दिन के हिसाब से 10 हजार रुपये खर्च करता है। आठ मई तक चलने वाले इस अभियान में प्रशासनिक सहयोग लेने के आदेश हैं। इसके बावजूद विभाग वर्क आर्डर के तहत एटीएस पर सरकारी धन खर्च कर रहा है। और वह भी जरूरत पड़ने पर खुद ही बचते नजर आए।
(रिपोर्ट- दिलीप कटियार, फर्रुखाबाद)