Sawan Somvar: सावन के आखिरी सोमवार पर काशी विश्वनाथ-महाकाल समेत शिव मंदिरों में उमड़ा भक्तों का सैलाब

Sawan Somvar: देवों के देव महावेद को समर्पित सावन महीने का आज अंतिम सोमवार है। शिवभक्त मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। महादेव के ज्योतिर्लिंगों में शुमार वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम, उज्जैन के महाकालेश्वर और देवघर के बैजनाथ धाम में शिवभक्तों का एक अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है।

काशी विश्वनाथ में भक्तों की भारी भीड़

सावन माह के अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ (Kashi Vishwanath ) मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खुल गए। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए भक्त सुबह से ही कतारों में खड़े थे। पूरे परिसर को रुद्राक्ष की मालाओं से सजाया गया था। इस दौरान बाबा विश्वनाथ का भव्य श्रृंगार किया गया। मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा भी की गई। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। दर्शन व्यवस्था सुचारू रखने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है, वहीं सुरक्षा के लिए ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है।

Baijnath Dham: बाबा बैद्यनाथ मंदिर में लगी लंबी कतार

उधर झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर की बात करें तो यहां भी अंतिम सोमवार को भक्तों की भीड़ उमड़ी। मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है। वैसे तो सावन के हर सोमवार का अलग महत्व होता है, लेकिन शुक्ल पक्ष की दशमी के बाद एकादशी तिथि होने के कारण अंतिम सोमवार का महत्व और भी बढ़ गया। विशेष महत्व के कारण सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान भक्तों की 10 किलोमीटर से भी अधिक लंबी कतार देखी गई। जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। अनुमान लगाया गया है कि आज यहाँ सवा लाख भक्त आ सकते हैं।

Sawan Somvar: उज्जैन महाकाल में उमड़ी भक्तों की भीड़

सावन के आखिरी सोमवार पर मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल (Mahakal) के दरबार में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। मंदिर के पट तड़के ढाई बजे खोले गए, जबकि सावन के अन्य दिनों में तीन बजे खोले जाते हैं। वहीं आम दिनों में ये पट सुबह चार बजे खुलते हैं। लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालु बम बोले, जय महाकाल का जयकारा लगाते नजर आए।

भस्मआरती के दौरान कार्तिकेय मंडपम की आखिरी तीन पंक्तियों से श्रद्धालुओं के आने की व्यवस्था थी। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने चलित भस्म आरती का लाभ उठाया। सामान्य दर्शन का क्रम सुबह पांच बजे से शुरू हुआ, जो देर रात शयन आरती तक जारी रहेगा। शाम चार बजे बाबा महाकाल की चौथी सवारी नगर भ्रमण पर निकलेगी। नगर भ्रमण के दौरान भगवान उमा महेश्वर स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे। इस दौरान लोक नृत्य कलाकार और मध्य प्रदेश की चार पर्यटन झांकियां आज विशेष रहेंगी।


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