SIR : चुनाव आयोग (Election Commission) ने देश भर में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) का ऐलान कर दिया है। चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) ने सोमवार शाम को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस इसकी घोषणा की। SIR उन राज्यों में शुरू होगा जहां जल्द ही चुनाव होने हैं।
चीफ इलेक्शन कमिश्नर ने कहा कि बिहार में SIR की तैयारियों के आधार पर, चुने हुए राज्यों में SIR शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर पोलिंग बूथ पर 1,000 वोटर होंगे। चीफ इलेक्शन कमिश्नर ने ऐलान किया कि चुनाव आयोग दूसरे फेज में 12 राज्यों में एसआईआर करेगा। इसलिए, उन राज्यों की वोटर लिस्ट आज रात फ्रीज कर दी जाएंगी।
इन 12 राज्यों में होगा SIR
ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) ने कहा कि SIR प्रोसेस दूसरे फेज़ के लिए चुने गए राज्यों में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जैसे बिहार में SIR पूरी तरह सफल रहा, वैसे ही दूसरे फेज़ में जिन राज्यों में यह प्रक्रिया चलाई जाएगी, वहां भी यह सफल होने की संभावना है। SIR का दूसरा फेज़ 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू होगा। इनमें उत्तर प्रदेश गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पुड्डचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, अंडमान निकोबार द्वीपसमूह, गोवा और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। SIR का मकसद अयोग्य मतदाता को हटाना और योग्य को अधिकार देना है।
बता दें कि SIR पर ज़ीरो अपील मिलने के बाद आयोग ने बिहार की वोटर लिस्ट को सही माना। उन्होंने कहा, “SIR का फेज़ 1 खत्म हो गया है, और सबसे बड़ी बात यह थी कि बिहार के सभी 75 मिलियन वोटर्स ने इसमें पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। इस दौरान कोई अपील नहीं हुई, जिसका मतलब है कि बिहार की वोटर लिस्ट को बहुत सही माना जाएगा। अब फेज 2 की तैयारी चल रही है।”
ये रहा SIR का शेड्यूल
चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने बताया कि SIR का दूसरा फेज़ कल यानी मंगलवार 28 अक्टूबर से शुरू होगा। प्रिंटिंग और ट्रेनिंग 28 अक्टूबर, 2025 से 3 नवंबर, 2025 तक चलेगी। 4 नवंबर, 2025 से 4 दिसंबर, 2025 तक घर-घर जाकर वोटर की जानकारी इकट्ठा की जाएगी। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 9 दिसंबर, 2025 को पेश की जाएगी।
21 साल पहले हुआ था SIR
ज्ञानेश कुमार ने बताया, “हर चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में बदलाव जरूरी है। हाल के सालों में कई पॉलिटिकल पार्टियों ने वोटर लिस्ट के पूरी तरह सही न होने पर एतराज जताया है। पिछली SIR 2000-2004 के बीच हुई थी। इतने लंबे समय के बाद, SIR और भी जरूरी हो जाती है। इलेक्शन कमीशन ने बिहार से शुरू करते हुए, पूरे देश में SIR को अलग-अलग तरीके से करने का फ़ैसला किया है।” उन्होंने आगे कहा, “वोटर्स की आसानी के लिए, इलेक्शन कमीशन ने तय किया है कि भीड़ से बचने के लिए किसी भी पोलिंग स्टेशन पर 1,200 से ज़्यादा वोटर्स नहीं होने चाहिए।”
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