हाथरस–सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वास्थ सेवाओं में भले ही सुधार करने के लाख दावे कर ले, लेकिन स्वास्थ सेवाओं की जमीनी हकीकत कुछ और ही है। मामला हाथरस के महिला जिला अस्पताल का जहाँ अस्पताल में तैनात डॉक्टर की दबंगई देखकर सभी हैरान रह गए।
महिला अस्पताल के डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने आयी एक गर्भवती महिला को धक्का देकर कमरे से बाहर निकाल दिया और महिला का अल्ट्रासाउंड भी नहीं किया गया। बिना अल्ट्रासाउंड कराये गर्भवती महिला को वापस घर लौटना पड़ा। बता दे कि हाथरस के गांव फ़रोली निवासी पंकज शर्मा की पत्नी कल्पना शर्मा गर्भवती है। जिसका अल्ट्रासाउंड कराने के लिए वह आज बागला जिला अस्पताल पहुँचे और सबसे पहले पर्चा लगा दिया ,लेकिन अल्ट्रासाउंड करने वाले चिकित्सक राजीव मोदी अपने समय से लेट पहुँचे और बिना पर्चा लिए ही अपनी मर्जी से मरीजों के अल्ट्रासाउंड करने लगे। पंकज ने चिकित्सक से कहा कि में सबसे पहले आया हूँ। आप मेरी पत्नी का अल्ट्रासाउंड कर दो तो इस बात चिकित्सक भड़क गए और मरीज कल्पना को धक्का देकर अल्ट्रासाउंड रूम से बाहर निकाल दिया। मीडिया कर्मियों के सवाल पूछने पर डॉक्टर ने जवाब देने की वजाये अभद्रता करना शुरू कर दिया और कहा की जो करना कर लो कह कर वह से चले गए।
वही इस पुरे मामले में महिला अस्पताल के सीएमएस रूपेंद्र कुमार ने कहा की मामले की जानकारी हुई है। चिकित्सक और मरीज के बीच कुछ विवाद हुआ है लेकिन मे भी प्रयास कर रहा हूँ कि मरीज का अल्ट्रासाउंड हो जाये।
(रिपोर्ट-सूरज मौर्या, हाथरस )