SC ने नोएडा डीएम को लगाई फटकार, कहा- गाइडलाइन से अलग….

दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा के जिलाधिकारी को कड़ी फटकार लगाई है। दरअसल, कोरोना संक्रमित के घर को सील करने की बजाय पूरे एरिया को सील करने के फैसले की SC ने आलोचना की है। यह भी पढ़ें:15 जून से फिर से लगेगा LOCKDOWN, यहां जानें पूरी सच्चाई SC ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर जारी गाइडलाइन से उलट किसी जिले के लिए अलग गाइडलाइन नहीं हो सकती, नोएडा डीएम फैसले पर विचार करें। दरअसल, दिल्ली-एनसीआर में आवाजाही को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि गृह सचिव ने

Written By :

Shweta Singh

Updated

June 13, 2020

दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा के जिलाधिकारी को कड़ी फटकार लगाई है। दरअसल, कोरोना संक्रमित के घर को सील करने की बजाय पूरे एरिया को सील करने के फैसले की SC ने आलोचना की है।

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SC ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर जारी गाइडलाइन से उलट किसी जिले के लिए अलग गाइडलाइन नहीं हो सकती, नोएडा डीएम फैसले पर विचार करें।

दरअसल, दिल्ली-एनसीआर में आवाजाही को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि गृह सचिव ने हरियाण, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ बैठक की। दिल्ली-हरियाणा सरकार ने आवाजाही पर रोक को हटा दिया है। उत्तर प्रदेश कोरोना को लेकर चिंतित है।

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सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उत्तर प्रदेश सिर्फ आवश्यक सेवाओं की आवाजाही को अनुमति देना चाहता है, तीनों राज्य सरकारों के मुख्य सचिव और केंद्रीय गृह सचिव के बीच बैठक हुई।

उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने कहा कि दिल्ली में 32 हजार से अधिक कोरोना केस है और एक हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, गाजियाबाद और नोएडा में अब तक 40 लोगों की मौत हुई है। दिल्ली की आबादी नोएडा और गाजियाबाद से चार गुना है, लेकिन संक्रमण की दर 40 गुना अधिक है। दिल्ली संक्रमित लोगों को होम क्वारनटीन कर रही है।

इस पर SC ने पूछा कि क्या यूपी सरकार संक्रमितों को इंस्टीट्यूशनल क्वारनटीन कर रही है, अगर मरीज असिम्प्टोमटिक है तो क्या उसे भी इंस्टीट्यूशनल क्वारनटीन किया जा रहा है या उन्हें होम क्वारनटीन किया जा रहा है, इस पर यूपी सरकार के वकील ने कहा कि हम केंद्रीय गाइडलाइन का पालन कर रहे हैं।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कृपया जांच करें और हमें पूरी जानकारी बताएं, विवाद नहीं होना चाहिए. नंबर बढ़ते जा रहे हैं, अगर आप नोएडा या गाजियाबाद में असिम्प्टोमटिक मरीजों को इंस्टीट्यूशनल क्वारनटीन करते हैं और अन्य लोग ऐसा नहीं कर रहे हैं तो इससे 15 दिन तक, अराजकता हो सकती है।

SC ने केंद्र और यूपी सरकार से कहा कि नोएडा में कौन सा क्वारनटीन नियम का पालन किया जा रहा है, इस मामले को देखिए। कोर्ट ने एनसीआर के प्रदेशों के मुख्य सचिवों और गृह सचिव के बीच हुई मीटिंग की डिटेल मांगी है, यह डिटेल आज शाम तक कोर्ट को दी जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नोएडा या गाजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर को खोलने में दिक्कत आ रही है। कोर्ट ने यूपी सरकार से क्वारनटीन नियम पर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी।