टिड्डियों के आतंक से बचने के लिए किसान भाई जरूर अपनाएं ये उपाय…

लखनऊ–उत्तर भारत के राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में खतरनाक टिड्डी दल का आतंक चल रहा है। रेगिस्तानी टिड्डे (Locust) धरती का सर्वाधिक क्षतिकारक कीट है। इसका आपतन तेजी से उत्तर प्रदेश की सीमा की तरफ बढ़ रहा है, इसका क्षतिकारक दर बहुत तीव्र है। यह भी पढ़ें-चीन से तनातनी, रक्षा मंत्रालय ने मंगाई बीएमपी गाड़ियों की खेप, जानें खासियत इसके आने से पूर्व ही अपनी गन्ना फसल को सुरक्षित रखने के लिये निम्नलिखित उपाय का ज्ञानार्जन कर फसल को बचा सकते हैं … 1-टिड्डियों को मारने हेतु- क्लोरोपाइरीफाॅस 50EC (गन्ना समितियों में उपलब्ध) 1 मिली प्रति लीटर

Written By :

Shweta Singh

Updated

May 31, 2020

लखनऊ–उत्तर भारत के राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में खतरनाक टिड्डी दल का आतंक चल रहा है। रेगिस्तानी टिड्डे (Locust) धरती का सर्वाधिक क्षतिकारक कीट है। इसका आपतन तेजी से उत्तर प्रदेश की सीमा की तरफ बढ़ रहा है, इसका क्षतिकारक दर बहुत तीव्र है।

यह भी पढ़ें-चीन से तनातनी, रक्षा मंत्रालय ने मंगाई बीएमपी गाड़ियों की खेप, जानें खासियत

इसके आने से पूर्व ही अपनी गन्ना फसल को सुरक्षित रखने के लिये निम्नलिखित उपाय का ज्ञानार्जन कर फसल को बचा सकते हैं …

1-टिड्डियों को मारने हेतु-

क्लोरोपाइरीफाॅस 50EC (गन्ना समितियों में उपलब्ध) 1 मिली प्रति लीटर पानी अथवा डेल्टामेथ्रिन 60 मिली प्रति 100 लीटर पानी में मिलाकर ट्रैक्टर चलित स्प्रेयर द्वारा टिड्डियों के ऊपर स्प्रे।

2. टिड्डियों को भगाने हेतु-

जब टिड्डियां आपके खेत पर आक्रामक हों, निम्नानुसार ध्वनियां उत्पन्न करेें …

ट्रैक्टर या मोटर साइकिल का साइलेंसर खोलकर.

ढोल/ नगाड़ा/ थाली/ पीपा/ टिन का डब्बा पीटकर या पटाखे दाग कर.

धुआं उत्पादित कर या आग जलाकर.

3. गन्ना फसल सुरक्षा प्रवन्धन करने हेतु-

फेनवल डस्ट 10 किलो प्रति एकड़ की डस्टिंग.

नीम के तेल का स्प्रे.

गोबर घोल का छिड़काव.