Diwali 2023: दीपावली पर इस साल बन रहे कई दुर्लभ संयोग, जानें पूजा का मुहूर्त

Diwali 2023: दीपावली हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है। यह पर्व कार्तिक महीने के अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी व गणेश जी की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।

Written By :

SK Sharma

Updated

November 8, 2023

Diwali 2023: दीपावली हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है। यह पर्व कार्तिक महीने के अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी व गणेश जी की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।

इस साल दीपावली पर्व का विशेष महत्व है। 12 नवंबर को दीपावली मनाई जाएगी और इस दिन सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है। हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या को अति शुभ फलदायी माना जाता है। इस दिन दान करने से कई गुणा फल मिलता है। वहीं, इस दिन सोमवती अमावस्या पर कई शुभ योग भी बन रहे हैं।

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500 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग

अयोध्या की ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि लगभग 500 वर्षों बाद दीपावली पर अद्भुत संयोग का निर्माण हो रहा है, जिसमें गजकेसरी योग, उभयचरी योग, हर्ष और दूर्धरा नाम के पांच राज योग का निर्माण हो रहा है. ऐसा योग धन लाभ संपत्ति और प्रतिष्ठा के साथ सफलता और उभयचरी योग आर्थिक समृद्धि को बढ़ाता है।

Deepawali 2023

अमावस्या का समय

इस साल दीपावली 12 नवंबर को मनाई जाएगी। 12 नवंबर को दोपहर 2ः45 बजे अमावस्या तिथि लग रही है, जो अगले दिन 13 नवंबर को दोपहर 2ः57 बजे तक रहेगी। सोमवार को अमावस्या कुछ देर के लिए भी लग जाए, तो उसे सोमवती अमावस्या ही कहा जाता है।

पूजा का शुभ मुहूर्त

दीपावली के दिन मां लक्ष्मी के पूजन का विधान है। इस दीपावली पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5ः40 बजे से 7ः36 बजे तक है। इस समय मां लक्ष्मी व गणेश जी की पूजा करने से घर में सुख व समृद्धि बनी रहेगी व सभी कष्ट दूर होंगे।

दिवाली पर शुभ योग

दीपावली पर सोमवती अमावस्या के साथ ही कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जिस वजह से इसका विशेष महत्व हो गया है। सोमवती अमावस्या पर सौभाग्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग व शोभन योग का निर्माण हो रहा है। ये तीनों योग बेहद शुभ हैं व इस दिन स्नान, ध्यान व दान करने से सुखद परिणाम मिलते हैं। सभी कार्यों में सफलता मिलती है व परिवार में सुख, शांति व समृद्धि रहती है। सोमवती अमावस्या को इन तीनों योगों का बनना बेहद दुर्लभ है।

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