विश्व हिन्दू परिषद के रामोत्सव में लगा कोरोना ग्रहण

कोरोना वायरस की दहशत पूरी दुनिया में फैली हुई है। इसका (corona Ramotsav) असर अब धार्मिक आयोजनों पर भी पड़ने लगा है। देश के तमाम मंदिरों के दरवाजे भक्तों के लिए बंद कर दिए गए हैं। इसी प्रक्रिया में अब विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के रामोत्सव के कार्यक्रम में भी ग्रहण लग गया है। कोरोना (corona, Ramotsav) के खौफ के चलते विहिप ने अपने कार्यक्रम में बदलाव कर लिया है। दरअसल कोराना वायरस के कारण अब रामोत्सव आयोजन में ना तो शोभा यात्रा निकाली जाएगी और ना ही किसी प्रकार की भीड़ एकत्रित होने दी जाएगी। ये भी पढ़ें..बदहाली के

Written By :

SK Sharma

Updated

March 19, 2020

कोरोना वायरस की दहशत पूरी दुनिया में फैली हुई है। इसका (corona Ramotsav) असर अब धार्मिक आयोजनों पर भी पड़ने लगा है। देश के तमाम मंदिरों के दरवाजे भक्तों के लिए बंद कर दिए गए हैं। इसी प्रक्रिया में अब विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के रामोत्सव के कार्यक्रम में भी ग्रहण लग गया है। कोरोना (corona, Ramotsav) के खौफ के चलते विहिप ने अपने कार्यक्रम में बदलाव कर लिया है। दरअसल कोराना वायरस के कारण अब रामोत्सव आयोजन में ना तो शोभा यात्रा निकाली जाएगी और ना ही किसी प्रकार की भीड़ एकत्रित होने दी जाएगी।

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विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अंबरीश सिंह ने केन्द्रीय टोली के निर्देशनुसार हर जिलों में परिवर्तित कार्यक्रम के पत्र भेज दिये हैं। विहिप प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया, “प्रदेश के 50 हजार घरों व देश के तीन लाख गावों में रामोत्सव बहुत ही मर्यादित ढंग से मनाया जाएगा। इस दौरान ऐसे सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं, जिनमें ज्यादा लोग इकट्ठा होने की संभावना थी। यह कार्यक्रम 25 मार्च को पड़ने वाली चैत्र प्रतिपदा से 8 अप्रैल को हनुमान जयंती तक मनाया जाएगा।”

आरतियों का स्वरूप हुआ छोटा…

उन्होंने बताया कि “कोरोना वायरस के चलते केन्द्र सरकार द्वारा जारी एडवाजरी का पालन कराया जाएगा। अब रामोत्सव में किसी प्रकार की शोभा यात्रा, जुलूस, नहीं निकालने का निर्णय लिया गया है। इसके आलावा मर्यादित संख्या में गोष्ठियां आयोजित होंगी। इस दौरान होने वाली आरतियों का स्वरूप भी छोटा कर दिया गया है।”

गौरतलब है कि श्रीरामजन्मभूमि पर फैसला आने के बाद से ही विहिप सारे देश को एक बार फिर राममंदिर निर्माण अभियान में जोड़ने की कवायद में लगी हुई है। इसके लिए पूरे देश में बड़े स्तर पर रामोत्सव कराने की रणनीति तैयार की गयी थी, लेकिन कोरोना वायरस के कारण कार्यक्रम में बदलाव कर दिया गया है।

उधर, कोरोना वायरस से बचाव के लिए देश के मठ-मंदिरों के कपाट बंद हो रहे हैं लेकिन रामलला का दर अब भी भक्तों के लिए खुला है। हालांकि संक्रमण से बचाव के लिए दर्शनार्थियों को सैनिटाइजर से हाथ धुलाने के बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है।

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