असलहों का खुलेआम प्रर्दशन पुलिस के लिए बना चुनौती

असलहा के दम पर जनपद में बेशकीमती जमीनों में अवैध कब्जा घर में कूदकर मारपीट गाली-गलौज दबंगों के लिए यह तो आम बात हो गई है। प्रशासन इस बात की सुध तक नहीं ले रहा है।

Written By :

Shweta Singh

Updated

July 19, 2020

फतेहपुर जनपद में असलहो का खुलेआम प्रदर्शन होना पुलिस प्रशासन के लिए आम बात हो गई है। असलहा के दम पर जनपद में बेशकीमती जमीनों में अवैध कब्जा घर में कूदकर मारपीट गाली-गलौज दबंगों के लिए यह तो आम बात हो गई है। प्रशासन इस बात की सुध तक नहीं ले रहा है।

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कानपुर देहात के बिकरु कांड की आग भी ठंडी नहीं हुई थी। जहां दुर्दांत अपराधी विकास दुबे ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर असलहो के दम पर लोगों की बेशकीमती जमीनों पर कब्जा करता था। बड़े-बड़े सत्ताधारी नेताओं का हाथ भी था। इन सब मामलों को देखते हुए जब पुलिस प्रशासन ने दुर्दांत अपराधी विकास दुबे पर अपना शिकंजा कसने के लिए जाल बिछाया। तो विकास दुबे ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर गोलियों की बौछार कर दी थी। जिसमें एक डीएसपी सहित आठ लोगों की मृत्यु हो गई थी। जहां कुछ ही दिनों एसटीएफ ने तुरंत अपराधी विकास दुबे का एनकाउंटर भी कर दिया था। ऐसे ही कई घटनाएं फतेहपुर जनपद में देखने को मिली है। जहां आप लोगों के दम पर कुछ दबंग लोगों द्वारा अपने गुर्गों के साथ मिलकर बेशकीमती जमीनों पर असलहो के कब्जा करते हुए नजर आ रहे हैं।

लॉकडाउन के दौरान रातो रात मैरिज लॉन में हुआ कब्जा-

लॉकडाउन के दौरान ग्यारह हज़ार स्कवायर फ़ीट वाले हवाई भू-खण्ड कब्जे के लिए सिविल लाइन क्षेत्र की लाइट भी करवाई गई। कुछ इलाकों में अंधेरा भी छाया रहा। एक जेसीबी की मदद से मैरिज लान के बाहर की कई दुकानो का सामान फेकवाकर रास्ता बनवाया गया। लेकिन पत्थर कटा चौराहे के पास की जमीन पर हुए कब्जे ने कानून व्यवस्था की भी धज्जियां उड़ाई ।शाम से शुरू देर रात तक होने वाला यह कब्ज़ा शहर में अभी भी चर्चा का विषय है। बेचारी पुलिस सरकारी कागजों की आड़ में सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने की दुहाई देती आ रही है। लेकिन क्या दूसरे पक्ष को जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया।