जन्मदिन विशेषः सैफई के बीहड़ से निकलकर 3 बार बने यूपी के CM, ऐसा रहा नेता जी का सियासी सफर

उत्तर प्रदेश के तीन बार यूपी के मुख्यमंत्री और देश के रक्षामंत्री रहे सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का आज 82वां जन्मदिन है। समाजवादी पार्टी सपा संरक्षक का जन्मदिन सादगी के साथ माना रही है। देश के तमाम देश मुलायम को बधाईयाँ दे रहे हैं। वहीं पीएम नेरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मुलायम सिंह यादव को बधाई दी है। समाजवादी पार्टी ने भी बधाई दी है. सपा की तरफ से आये ट्वीट में कहा गया कि ‘आदरणीय नेताजी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। मुलायम सिंह यादव को जन्मदिन की बधाई देते हुए सीएम योगी ने कहा कि ‘उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री मुलायम सिंह यादव जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रभु श्री राम से आपके उत्तम स्वास्थ्य व सुदीर्घ जीवन की कामना करता हूं।

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1939 को हुआ जन्म

नेता जी के नाम से मशहूर मुलायम सिंह यादव का जन्म इटावा जिले के सैफई गांव में 22 नवंबर 1939 को जन्म हुआ था। वह आज 82 साल के हो गए हैं। मुलायम सिंह यादव चार भाई और एक बहन थे। अभी वह मैनपुरी से सांसद हैं और पार्टी के संरक्षक भी हैं। अखिलेश यादव उनके बेटे हैं और उन्हीं के दम पर 2012 में अखिलेश यादव पहली बार यूपी के मुख्यमंत्री बने थे। एक साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने उत्तर प्रदेश और देश की सियासत में अपनी एक बड़ी पहचान बनाई है। उन्होंने तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर कार्य किया। जबकि एक बार देश के रक्षा मंत्री भी रहे।

ऐसा रहा सियासी सफर

मुलायम शुरुआती दिनों में शिक्षक का कार्य करते थे लेकिन लोहिया और उनके साथ के लोगों के संपर्क में आने के बाद सियासत की ओर रुख कर दिया। मुलायम ने राजनीतिक जीवन की शुरुआत सोशलिस्ट पार्टी (Socialist Party) से की थी। मुलायम सिंह यादव पहली बार 1967 में विधायक चुने गए थे। आपातकाल के दौरान नेता जी 19 महीने तक जेल में रहे। वहीं पहली बार वह 1977 में राज्य मंत्री बनाये गए। 1980 में वह लोकदल के अध्यक्ष बनाए गए। जबकि 1985 के बाद मुलायम ने क्रांतिकारी मोर्चा बनाया और जमकर सुर्खियां बटोरी। मुलायम सिंह यादव 1989 में पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री।1990 में केंद्र में वीपी सिंह की सरकार गिरने के बाद मुलायम सिंह यादव ने चंद्रशेखर के जनता दल (सोशलिस्ट) से जुड़े और मुख्यमंत्री बने रहे। इसमें कांग्रेस का समर्थन भी शामिल था। 1991 में कांग्रेस का समर्थन वापस लेने से मुलायम सरकार गिर गई। 1991 में बीच में ही चुनाव हुए, लेकिन मुलायम सिंह यादव की पार्टी की सरकार नहीं बनी।

राजनीति में आने से पहले थे पहलवान

मुलायम ने 1992 में समाजवादी पार्टी का गठन किया और 1993 में बसपा के समर्थन से एक बार फिर मुलायम सत्ता में लौटे। इसके अलावा मुलायम सिंह यादव 1996 से 1998 तक देश के रक्षामंत्री भी रहे। 2003 में मुलायम सिंह यादव फिर सत्ता में लौटे और यूपी के सीएम बने। फिर 2012 में फिर सपा सत्ता में लौटी लेकिन इस बार मुलायम ने अपने बेटे अखिलेश यादव को सीएम बनाया और सक्रिय राजनीति से थोड़ी दूरी बना ली। मुलायम सिंह यादव की सफलता में उनके छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव ने अहम भूमिका निभाई। हालांकि अभी भी वो मैनपुरी से सांसद हैं और पार्टी के संरक्षक भी हैं।

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